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शिफ्टिंग से पहले मूवर्स एंड पैकर्स की कर लें जांच, नहीं तो रास्ते में ही बिक जाएगा सामान

फर्जी पैकर्स एंड मूवर्स सस्ते में सामान शिफ्ट करने का लालच देकर बीच रास्ते में ही सामान बेच देते हैं.

फर्जी पैकर्स एंड मूवर्स सस्ते में सामान शिफ्ट करने का लालच देकर बीच रास्ते में ही सामान बेच देते हैं.

ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से फर्जी कंपनियों की बाढ़ आ गई है. मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पूरी पड़ताल के बाद ही सामान शिफ्ट करने वाली कंपनियों की सेवाएं लेनी चाहिए नहीं तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.

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नई दिल्लीः क्या आप भी अपने घर या ऑफिस का सामान शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए पैकर्स एंड मूवर्स की सेवाएं लेने की सोच रहे हैं, तो जरा सावधान रहिएगा. सामान शिफ्ट करने के लिए शहरों में जैसे-जैसे पैकर्स एंड मूवर्स (Packers and Movers) पर लोगों की निर्भरता बढ़ रही है, फर्जीवाड़ा भी बढ़ता जा रहा है. कई फर्जी कंपनियां सस्ते में सामान शिफ्ट करने का लालच देकर ग्राहकों से ठगी कर रही हैं. ऐसे में उनकी सेवाएं लेने से पहले उनके बारे में अच्छी तरह से पड़ताल कर लेना जरूरी है.

सामान बेच हो जाते हैं गायब

ऐसी कंपनियों की सामान ढोने के लिए न तो खुद की गाड़ी होती है और न ही स्थायी कर्माचारी. दिहाड़ी मजदूर और किराये की गाड़ी के जरिये सामान पैक करवाकर निर्धारित जगह पर पहुंचाने की बजाय बीच में ही कहीं सामान बेच देती हैं. ऐसी कंपनियों को ढूंढना मुश्किल है, क्योंकि उनका कोई स्थायी अता-पता नहीं होता है. ठगी करने के लिए ऐसी कंपनियां जानी मानी कंपनियों से मिलते-जुलते नाम रख लेती हैं, जिससे ग्राहक गुमराह हो जाते हैं.

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मूवर्स फेडरेशन ने चेताया

पैकर्स एंड मूवर्स (Packers and Movers) कंपनियों के संगठन मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Movers Federation Of India) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़े इस्तेमाल से फर्जीवाड़ा भी बढ़ा है. संगठन के मुताबिक, रोजाना दो-तीन मामले आ रहे हैं, जिनमें ग्राहकों की शिकायत रहती है कि फर्जी कंपनियां उनका सामान लेकर गायब हो गई हैं. मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव अनूप मिश्रा के मताबिक, इस करोबार को शुरू करने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं होती. फर्जीवाड़ा करने वाले सिर्फ एक मोबाइल सिम के जरिये काम शुरू कर देते हैं.

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मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (MFI) ने उपभोक्ताओं को ठगी से बचाने के लिए अपनी वेबसाइट पर पैकर्स एंड मूवर्स कंपनियों की सूची डाल रखी है. फेडरेशन की ओर से जांच-पड़ताल के बाद ही कंपनियों को सूची में शामिल किया जाता है. साथ ही ग्राहकों के किसी भी तरह की धोखाधड़ी करने पर संगठन सख्त कदम उठाता है.

Tags: Fake check, Fraud, Fraud case, Packers and movers

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