ALERT! आपके पास आया फोन बैंक अधिकारी या फिर किसी फ्रॉड का, ऐसे करें पता

ALERT! आपके पास आया फोन बैंक अधिकारी या फिर किसी फ्रॉड का, ऐसे करें पता
जालसाजों से रहें सावधान

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि मौजूदा समय में फ्रॉड करने वाले बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए के लिए लोगों को फ्रॉड कॉल कर धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं. ऐसे मामलों को 'वॉयस फिशिंग' कहा जाता है. आइए बताते हैं किस तरह बच सकते हैं इस तरह के फ्रॉड से...

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 15, 2020, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली. जालसाज आपके अकाउंट से पैसा चुराने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं, जिसमें आपको पता भी नहीं चलता है और एक छोटी सी भूल आपके लिए भारी पड़ जाती है. ये जालसाज लोगों को फ्रॉड कॉल के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं. इस तरह की कॉल को 'वॉयस फिशिंग' कहा जाता है. ये लोग खुद को स्वयं को बैंक प्रतिनिधि या बैंक की तकनीकी टीम का बताते हैं. उसके बाद जब ग्राहक को यकीन हो जाता है तो उनसे निजी जानकारी निकाल लेते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस तरह की कॉल को कैसे पहचानें और कैसे बचें...

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताते हैं कि मौजूदा समय में फ्रॉड करने वाले बैंक खातों से पैसे चुराने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. इसमें एटीएम क्लोनिंग, वॉट्सऐप कॉल के जरिए फर्जीवाड़ा, कार्ड के डाटा की चोरी, यूपीआई के जरिए चोरी, लॉटरी के नाम पर ठगी, बैंक खातों की जांच के नाम पर ठगी प्रमुख है.

समय-समय पर करें बैंक खातों की जांच- अधिकतर मामलों में फोन करने वाला अपने आप को प्रोफेशनल बताने के लिए बैंक प्रतिनिधि या बैंक की तकनीकी टीम का हिस्सा बताते हैं. ग्राहक को यकीन दिलाने के बाद ये जालसाज उससे निजी जानकारी और गोपनीय डेटा प्राप्त कर लेता है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बैंक खातों की जांच आपको समय-समय पर करनी चाहिए और अस्वीकृत लेनदेन के बारे में तुरंत अपने बैंक को जानकारी देनी चाहिए.



कस्टमर से यूजर आईडी, पासवर्ड, डेबिट कार्ड नंबर, पिन, सीवीवी आदि किसी के साथ शेयर ना करें

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किसी से शेयर ना करें ये जानकारी- फ्रॉड कॉल करने वाला व्यक्ति अक्सर ग्राहक से वन टाइम पासवर्ड (OTP), सिक्योर पासवर्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, कार्ड का सीवीवी नंबर, एक्सपायरी डेट, एटीएम पिन, इंटरनेट बैंकिंग लॉगइन आईडी, पासवर्ड और दूसरी निजी जानकारी मांगता हैं. कस्टमर को कभी भी इस तरह की कोई भी जानकारी फोन पर या वॉट्सऐप पर किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए. अगर आपने कॉल पर ये जानकारी दी है तो इसकी सूचना बैंक को दें और तुरंत अपना पासवर्ड को बदल लें.

बैंक नहीं मांगता कोई निजी जानकारी- बैंक ग्राहकों से फोन करके उनसे किसी भी निजी जानकारी, पासवर्ड या वन टाइम एसएमएस पासवर्ड के बारे में नहीं पूछते हैं. और ना ही कस्टमर से यूजर आईडी, पासवर्ड, डेबिट कार्ड नंबर, पिन, सीवीवी आदि को अपडेट या वेरिफाई करने के लिए कहा जाता है. हमेशा इस बात को याद रखें कि कुछ जानकारी जैसे पासवर्ड, PIN, TIN आदि सख्त तौर पर गोपनीय होते हैं और इनके बारे में बैंक के कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों को भी नहीं पता होता है.

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इन तरीकों से भी होते हैं खाते से पैसे चोरी:-
कार्ड के डाटा की चोरी
एटीएम कार्ड की क्लोनिंग
बैंक खातों की जांच के नाम पर ठगी
नौकरी के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड
शादी की वेबसाइट पर लोगों के साथ ठगी
वॉट्सऐप कॉल के जरिए फर्जीवाड़ा
यूपीआई के जरिए ठगी
क्यूआर कोड से धोखाधड़ी
लॉटरी, पेट्रोल पंप डीलरशिप के नाम पर ऑनलाइन ठगी
ई-मेल स्पूफिंग
रिवॉर्ड पाइंट के नाम पर ठगी
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