अलर्ट! ऑनलाइन स्टडी के लिए आप भी देते हैं बच्चाें काे अपना माेबाइल, ताे आपका बैंक बैलेंस हाे सकता है जीराे

साइबर एक्सपर्ट अनुसार साइबर फ्रॉड करने वालाें ने इसे एक बड़े माैके के ताैर पर देख रहे हैं.

साइबर एक्सपर्ट अनुसार साइबर फ्रॉड करने वालाें ने इसे एक बड़े माैके के ताैर पर देख रहे हैं.

पैरेंट्स अपना फाेन बच्चाें काे ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करने के लिए दे रहे है. लेकिन इसमें एक बड़ा रिस्क भी है. क्याेंकि ठग उस वक्त टारगेट कर रहे है जब फाेन बच्चाें के हाथ में हाे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 7:10 PM IST
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नई दिल्ली. भाेपाल में रहने वाली रश्मि श्रीवास्तव अपने आठ साल के बेटे काे ऑनलाइन क्लास के लिए अपना माेबाइल देती थी. एक दिन क्लास के दाैरान उन्हाेंने देखा कि उनका बेटा किसी से फाेन पर बात कर रहा है. उन्हाेंने तुरंत उससे फाेन लेकर पूछा किससे बात कर रहे हाे ताे बेटे ने बताया कि एक स्कूल के अंकल ने काेड भेजा है जाे उन्हें बताना है. रश्मि ने तुरंत फाेन पर बात करनी चाही लेकिन तब तक फाेन कट चुका है. दाेबारा कॉल लगाया ताे फाेन नहीं लगा. रश्मि ने देखा फाेन पर बैंकिंग का वन टाइम पासवर्ड आया था. समय रहते हुए रश्मि ने अपने बेटे से फाेन ले लिया वर्ना उस दिन पता नहीं उनके बैंक से कितना पैसा निकाल लिया जाता. इसके बाद से रश्मि ने अपने बेटे के लिए दूसरा फाेन लिया और बेटे काे समझाया कि इस तरह काे काेई भी जानकारी फाेन पर किसी काे ना दे.

काेराेना और लॉकडाउन के चलते स्कूल कॉलेज सब बंद है. वहीं स्कूलाें में ऑनलाइन क्लासेस शुरू हाे गई है. जिसके चलते पैरेंट्स अपना फाेन बच्चाें काे ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करने के लिए दे रहे है. लेकिन इसमें एक बड़ा रिस्क भी है. साइबर एक्पर्ट आकाश हजारे के अनुसार साइबर फ्रॉड करने वालाें ने इसे एक बड़े माैके के ताैर पर देख रहे है जिसमें वे उस वक्त टारगेट कर रहे है जब फाेन बच्चाें के हाथ में हाे. ऐसा इसलिए क्याेंकि उन्हें बड़ी आसानी से बहलाकर उनसे वन टाइम पासवर्ड लिया जा सकता है जैसा कि रश्मि के मामले में हुआ.

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लिंक भेजकर पर्सनल डाटा भी चुरा सकते हैं
बकाैल आकाश बच्चाें के हाथ में माेबाइल देना बड़ी रिस्क है पैरेंट्स काे चाहिए खासताैर पर वे उन्हें ऐसे माेबाइल गलती से भी ना दे जिसमें उनकी बैकिंग से जुड़ी या अन्य महत्वूर्ण चीजें हाे. वे बताते है कि ठग ना सिर्फ ओटीपी भेजकर आपका खाता खाली करने के फिराक में है बल्कि लिंक भेजकर आपका पर्सनल डाटा भी चुरा सकते है. क्याेंकि बच्चाें काे इसके बारे में काेई जानकारी नहीं रहती इसलिए वे बड़ी आसानी से सामने वाले द्वारा चाही गई जानकारी काे निकलवा सकते है.

इन बाताें का रखें ध्यान





  • बच्चाें काे वाे माेबाइल ना दे जिन पर बैकिंग या दूसरे महत्वपूर्ण ऐप हाे.


  • बच्चाें काे इस बात की जानकारी दे कि फाेन पर आए काेई भी लिंक काे क्लिक ना करें.


  • फाेन पर आए काेई भी ओटीपी या मैसेज की जानकारी किसी काे ना दें.


  • साथ ही अनजान व्यक्ति से बात ना करें.


  • ऑनलाइन क्लासेस के दाैरान और बाद में भी जब बच्चा माेबाइल का इस्तेमाल कर रहा हाे ताे उस पर ध्यान रखें.



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