Bharat Bandh: जीएसटी में सुधार को लेकर भारत बंद से पहले ही टूट गई व्‍यापारी एकता! जानें आज क्‍या-क्‍या रहेगा बंद

जीएसटी में सुधार की मांग को लेकर आज व्‍यापारियों का भारत बंद रहेगा.

जीएसटी में सुधार की मांग को लेकर आज व्‍यापारियों का भारत बंद रहेगा.

व्यापारियों के शीर्ष संगठन द कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 26 फरवरी 2021 यानी आज जीएसट की खामियों को दूर करने की मांग के साथ भारत बंद (Bharat Bandh 2021) की अपील की थी. हालांकि, फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल (FAIM) ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 5:47 AM IST
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नई दिल्ली. वस्तु व सेवा कर (GST) की खामियों को दूर कर सरल बनाने को लेकर 26 फरवरी 2021 यानी आज देशभर के व्यापारियों ने भारत बंद (Bharat Bandh 2021) का ऐलान किया है. इसमें ऑल इंडिया ट्रांसपोटर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) ने कैट का समर्थन कर आज ही चक्का जाम का ऐलान किया है. लिहाजा, आज सभी व्यावसायिक बाजार बंद रहेंगे. दावा किया जा रहा है कि इसमें 8 करोड़ छोटे कारोबारी, करीब 1 करोड़ ट्रांसपोर्टर, लघु उद्योग और महिला उद्यमी शामिल होंगी. हालांकि, इस बीच खबर मिल रही है कि भारत बंद शुरू होने से पहले ही व्यापारियों की एकता टूट गई है.

फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल (FAIM) ने बृहस्‍पतिवार को कहा कि वह कैट के भारत बंद का समर्थन नहीं कर रहा है. फैम का कहना है कि व्‍यापार मंडल दुकान बंद या भारत बंद जैसी विचारधारा से दूर रहता है. हालांकि, फैम ये मानता है कि जीएसटी में सुधार की जरूरत है, लेकिन इसके लिए बातचीत का रास्‍ता अपनाया जाना चाहिए. उसका कहना है कि कोरोना महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था नाजुक दौर में है. ऐसे में जिम्मेदार नागरिक के नाते व्यापारियों को फिलहाल आंदोलन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. फैम ने बताया कि उसने 22 फरवरी 2021 को 200 जिलाधिकारियों के जरिये पीएम नरेंद्र मोदी को जीएसटी में सुधार का आग्रह किया है.

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1500 जगहों पर धरना के साथ ही बंद रहेगा ये सब
कैट ने बताया है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जीएसटी परिषद से जीएसटी के कठोर प्रावधानों को खत्‍म करने की मांग को लेकर आज देशभर में 1500 जगहों पर धरना दिया जाएगा. देश भर के सभी बाजार बंद रहेंगे और सभी राज्यों के अलग-अलग शहरों में धरना प्रदर्शन होगा. सभी राज्य स्तरीय-परिवहन संघों ने भारत सरकार की ओर से पेश किए गए नए ई-वे बिल कानूनों के विरोध में कैट का समर्थन किया है. ट्रांसपोर्ट कार्यालयों को इस दौरान पूरी तरह बंद रखने की घोषणा की गई है. किसी भी प्रकार की माल की बुकिंग, डिलिवरी, लदाई/उतराई बंद रहेगी. सभी परिवहन कंपनियों को विरोध के लिए सुबह 6 से शाम 8 बजे के बीच अपने वाहन पार्क करने को कहा गया है.

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व्यापार संगठनों के साथ सीए-वकील भी करेंगे हड़ताल
देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के अलावा बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठनों ने भी व्यापार बंद का समर्थन किया है. इसमें ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ एल्‍युमिनियम यूटेंसिल्‍स मैन्यूफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन, नॉर्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया वूमेंन एंटेरप्रैन्‍योर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कंप्‍यूटर डीलर एसोसिएशन, ऑल इंडिया कॉस्मेटिक मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन शामिल हैं. भारत बंद को संयुक्त किसान मोर्चा ने भी समर्थन दिया है. किसान बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी किसानों से अपील की है कि वह ट्रांसपोर्टर्स और ट्रेड यूनियन की तरफ से किए जा रहे भारत बंद में शामिल हों. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन और टैक्स एडवोकेट्स के ऑफिस भी बंद रहेंगे.
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