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Padma Bhushan : मां की डांट ने अमेरिका से बुलाया, Dr. Krishna Ella को दिलाया देश का तीसरा सर्वोच्च सम्मान

Padma Bhushan : मां की डांट ने अमेरिका से बुलाया, Dr. Krishna Ella को दिलाया देश का तीसरा सर्वोच्च सम्मान

डॉ. कृष्णा इल्ला को देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्मभूषण से नवाजा गया है.

डॉ. कृष्णा इल्ला को देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्मभूषण से नवाजा गया है.

Padma Bhushan Dr. Krishna Ella : मां की डांट के बाद ही डॉ. कृष्णा इल्ला ने भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की स्थापना की, जो आज इनोवेटिव वैक्सीन के उत्पादन के मामले में दुनिया की प्रमुख कंपनी है. इसी कंपनी ने कोरोना महामारी की स्वदेशी दवा कोवैक्सीन (Covaxin) बनाई है.

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नई दिल्ली. कोरोना वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा इल्ला (Dr. Krishna Elle) को देश के तीसरे सर्वोच्च सम्मान पद्मभूषण (Padma Bhushan) से नवाजा गया है. उनके साथ उनकी पत्नी व भारत बायोटेक की सह-संस्थापक सुचित्रा इल्ला (Suchitra Elle) को भी यह सम्मान मिला है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि डॉ. कृष्णा इल्ला ने कैसे भारत बायोटेक की स्थापना की? किस तरह सफलता का परचम लहराया और वह कैसे इस सम्मान के हकदार बने?

दरअसल, डॉ. कृष्णा इल्ला अपनी मां की डांट की वजह से इस मुकाम तक पहुंचने में सफल रहे. इस डांट के बाद ही उन्होंने 1996 में भारत बायोटेक की स्थापना की, जो आज इनोवेटिव वैक्सीन के उत्पादन के मामले में दुनिया की प्रमुख कंपनी है. इसी कंपनी ने कोरोना महामारी की स्वदेशी दवा कोवैक्सीन (CoVaxin) बनाई है.

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मां ने डांटकर बोला…तुम्हारा पेट 9 इंच का है, कितना पैसा कमाओगे
डॉ. कृष्णा इल्ला ने खुद ही एक इंटरव्यू में इस बात की स्वीकार किया था. उन्होंने कहा था कि उनकी कामयाबी में मां की झिड़की की अहम भूमिका है. वह बताते हैं, जब वह अमेरिका में काम कर रहे थे तो एक दिन मां ने फोन कर खूब डांटा. मां ने कहा…बेटा! तुम्हारा पेट सिर्फ 9 इंच का है. कितना पैसा कमाओगे…जितना तुम खाते हो, उससे ज्यादा तो खा नहीं सकते. लौट आओ और जो दिल करे वह काम करो. जब तक मैं जिंदा हूं, तुम्हारे खाने का इंतजाम कर दूंगी. डॉ. कृष्णा इल्ला बताते हैं कि मां की यह बात सुनकर उन्होंने उसी वक्त अमेरिका से अपने वतन लौटने का फैसला कर लिया.

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ऐसा रहा प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का सफर
डॉ. कृष्णा इल्ला को देश के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता है. उनका पूरा नाम डॉ. कृष्ण मूर्ति इल्ला है. उनका जन्म साल 1969 में तमिलनाडु के तिरुत्तनी में हुआ था. एग्रीकल्चर साइंसेज में ग्रेजुएशन और यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई से एमएस की डिग्री लेने के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ विसकॉन्सिन मेडिसन से पीएचडी पूरी की. इसके कुछ साल तक अमेरिका की एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में काम किया.

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140 दवाओं का ग्लोबल पेटेंट्स
अमेरिका से भारत लौटने के बाद उस भारत बायोटेक की स्थापना की, जिसके पास 140 दवाओं का ग्लोबल पेटेंट्स है. भारत बायोटेक ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षेत्र में करीब 20 करोड़ डॉलर निवेश किया है.

PM ने खुद किया था भारत बायोटेक का दौरा
डॉ. कृष्णा इल्ला केंद्रीय कैबिनेट की चिकित्सा विज्ञान सलाहकार समिति का हिस्सा रहे हैं. सीएसआईआर (CSIR) के सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं. कोरोना वैक्सीन के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद भी उनकी कंपनी के दौरे पर गए थे.

Tags: Bharat Biotech, Covaxin, Padma Awards 2022, Padma Bhushan award

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