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कम रिस्क में पैसा डबल करना चाहते हैं तो आपके पास बचे हैं कुछ घंटे, जानिए इस स्कीम के बारे में सबकुछ

News18Hindi
Updated: December 20, 2019, 1:35 PM IST
कम रिस्क में पैसा डबल करना चाहते हैं तो आपके पास बचे हैं कुछ घंटे, जानिए इस स्कीम के बारे में सबकुछ
कब होगा आपका पैसा दोगुना-तिगुना

भविष्‍य सुरक्षित करने के लिए सबसे जरूरी है सही जगह पैसा लगाना. आपकी इस टेंशन को दूर करने के लिए हम आपको बता रहे हैं सरकार की ओर से शुरू की गई नई स्कीम के बारे में. सरकार की नई स्कीम भारत बॉन्ड ईटीएफ (Bharat Bond ETF) निवेशकों के लिए खुल गई है.

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  • Last Updated: December 20, 2019, 1:35 PM IST
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मुंबई. भविष्‍य सुरक्षित करने के लिए सबसे जरूरी है सही जगह पैसा लगाना. कुछ लोग अलग-अलग बैंकों में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) के जरिए निवेश करते हैं तो वहीं कुछ लोग म्‍युचुअल फंड्स (Mutual Fund) में. अब इन स्कीम में कहीं रिस्‍क ज्‍यादा है तो कहीं मुनाफा कम है. आपकी इस टेंशन को दूर करने के लिए हम आपको बता रहे हैं सरकार की ओर से शुरू की गई नई स्कीम के बारे में. सरकार की नई स्कीम भारत बॉन्ड ईटीएफ (Bharat Bond ETF) निवेशकों के लिए खुल गई है. यह ईटीएफ सरकारी कंपनियों के 'AAA' रेटिंग वाले बॉन्डों में निवेश करेगा. इसका बेंचमार्क निफ्टी भारत बॉन्ड इंडेक्स होगा.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे सामान्य म्यूचुअल फंड की तरह छोटे निवेशक आसानी से पैसा लगा सकते हैं. छोटे निवेशकों के लिए यह एफओएफ सुविधा और लिक्विडिटी के लिहाज से ज्यादा बेहतर है.आपको बता दें कि बैंक और बीमा कंपनियों की इस बॉन्ड में जबरदस्त दिलचस्पी है. इसीलिए ये अब तक दोगुने से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है.

आइए आपको बताते हैं Bharat ETF बॉन्ड के बारे में सबकुछ..



(1) ये बॉन्ड मार्केट में फिक्स्ड डिपॉजिट के साथ जुड़े रहते हैं. एडलवाइज ग्लोबल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स का कहना है कि बॉन्ड के मुकाबले रिटेल इनवेस्टरों के लिए ईटीएफ की यूनिटों को खरीदना सस्ता रहेगा. एसेट मैनेजमेंट कंपनी मैनेजमेंट फीस के तौर पर महज 0.0005 फीसदी चार्ज वसूलेगा. अगर आसान शब्दों में कहें तो 2 लाख रुपये के निवेश पर केवल एक रुपये की फीस होगी, लेकिन एसेट मैनेजमेंट कंपनी को इस फंड के जरिये 3 लाख निवेशकों को जोड़ लेने की उम्मीद है. ये 20 दिसंबर तक खुला रहेगा.



(2) भारत बॉन्ड ईटीएफ सिंपल फिक्स्ड इनकम प्रोडक्ट है. यहां एक औसत निवेशक पूरे भरोसे के साथ अपना पैसा रख सकता है. इसके रिटर्न का अनुमान लगाना आसान है. इससे होने वाली इनकम टैक्स-फ्री तो नहीं होगी, लेकिन इसमें इंडेक्सेशन का बेनिफिट मिलेगा.

(एफडी के मुकाबले कितना मिलेगा मुनाफा (ग्राफिक्स के जरिए समझे)



(3) दूसरे शब्दों में रिटर्न में महंगाई को एडजस्ट किया जाएगा. नए फंड में रिटेल इनवेस्टर 1,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं. जिन निवेशकों के पास डीमैट नहीं है, वे फंड्स ऑफ फंड्स स्कीम के जरिये निवेश कर सकते हैं.

(4) यह स्कीम ईटीएफ में निवेश करेगी. इश्यू के जरिये 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है. इसमें 8,000 करोड़ रुपये के ओवर-एलॉटमेंट का विकल्प भी है. इसे खासतौर से लंबी अवधि के निवेशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.

(5) भारत बॉन्ड ईटीएफ करीब 15 सीपीएसई में निवेश करेगा. किसी एक बॉन्ड में निवेश 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा. भारत बॉन्ड ईटीएफ तीन साल और 10 साल की फिक्स्ड मैच्योरिटी पीरियड के दो निवेश विकल्प देता है.

आइए जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब...

(1) सवाल: कम से कम कितना पैसा लगाना होगा?
जवाब: भारत बॉन्ड ईटीएफ में कम से कम निवेशक 1,000 रुपये निवेश कर सकते हैं. इसके बाद 1,000 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है. आपको बता दें कि इसमें 20 दिसंबर तक पैसा लगाया जा सकता है.

(2) सवाल: कितने साल लिए निवेश करना होगा पैसा?
जवाब: निवेशक 3 साल और 10 साल के निवेश कर सकता है. एलॉटमेंट की तारीख से 30 दिन पूरा होने पर या इससे पहले निवेश को भुनाने पर 0.10 फीसदी एक्जिट लोड लगेगा. हालांकि, 30 दिन पूरा होने जाने पर रिडेम्प्शन/स्विच करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.

(3) सवाल: क्या FD के मुकाबले भारत बॉन्ड में ज्यादा पैसा बनेगा?
जवाब: आनंद राठी वेल्थ मैनेजमेंट डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज का कहना है अगर कोई छोटा निवेशक चाहे तो भारत ईटीएफ बॉन्ड में पैसा लगा सकता है. इसमें एफडी के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है. क्योंकि बैंकों की हालात भी बहुत नहीं है. वहीं, इस ईटीएफ में देश की कई बड़ी AAA रेटिंग वाली सरकारी कंपनियां शामिल है.

फिरोज अजीज का कहना है कि एफडी में कोई भी निवेशक 5 साल का ब्याज ही लॉक इन कर सकता है. जबकि इस बॉन्ड में 10 साल का ब्याज लॉक इन किया जा सकता है.



(4) सवाल: कितना टैक्स देना होगा?
जवाब: इस बॉन्ड ईटीएफ पर डेट म्यूचुअल फंड की तरह टैक्स लगता है. यानी अगर निवेश को तीन साल से ज्यादा समय के लिए रखा जाता है तो इंडेक्सेशन बेनिफिट के साथ 20 फीसदी की दर से टैक्स लगता है. वहीं एफडी पर यह टैक्स 30 फीसदी बनता है.

मान लीजिए अगर आप एक लाख रुपये का निवेश करते हैं तो उस पर 7.58 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है तो 10 साल में आपका पैसा बढ़कर 2,07,642 रुपये हो जाएगा.

फिर इस पर आपको 7,836 रुपये टैक्स के तौर पर चुकाना होगा. ऐसे में आपको 1,99,806 रुपये मिलेंगे. इसीलिए एक्सपर्ट्स भारत बॉन्ड ईटीएफ टैक्स के लिहाज से लंबी अवधि में ज्यादा फायदेमंद है. कंजर्वेटिव डेट फंड निवेशकों के लिए यह अच्छा विकल्प है.

(ग्राफिक्स के जरिए समझिए आपको कितना देना होगा टैक्स)



(5) सवाल: छोटे निवेशकों के लिए इसमें क्या है?
जवाब: 
इस ईटीएफ के प्रबंधन का जिम्मा एडलवाइज एएमसी पर है. इस फंड के लिए इसने 'फंड ऑफ फंड' (एफओएफ) भी लॉन्च किया है. इससे सामान्य म्यूचुअल फंड की तरह खुदरा निवेशकों को निवेश करने की सहूलियत मिलेगी. छोटे निवेशकों के लिए यह एफओएफ सुविधा और लिक्विडिटी के लिहाज से ज्यादा बेहतर है.

भारत बॉन्ड ईटीएफ में 2023 और 2030 की मैच्योरिटी अवधि है. इस लिहाज से इसकी तुलना फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लानों और बैंकिंग व पीएसयू फंडों के साथ हो सकती है. डेट म्यूचुअल फंडों के मुकाबले बॉन्ड ईटीएफ की कॉस्ट कहीं कम है.

इंडेक्स में शामिल बॉन्ड्स को तिमाही आधार पर दोबारा बैलेंस किया जाएगा. भारत बॉन्ड फंड ऑफ फंड उन निवेशकों के लिए लॉन्च किया गया है जिनका डीमैट खाता नहीं है. प्रत्येक बॉन्ड में निवेश इंडेक्स के 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा.

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First published: December 20, 2019, 1:35 PM IST
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