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अलीबाबा को पीछे छोड़ 2021 में Bharat e commerce बन सकता है दुनिया का सबसे बड़ा e commerce पोर्टल

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ( CAIT The Confederation of All India Traders) का दावा है कि Bharat e commerce अगले साल (2021) दिसंबर तक दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल बन सकता है.
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ( CAIT The Confederation of All India Traders) का दावा है कि Bharat e commerce अगले साल (2021) दिसंबर तक दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल बन सकता है.

कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ( CAIT The Confederation of All India Traders) का दावा है कि Bharat e commerce अगले साल (2021) दिसंबर तक दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल बन सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 2, 2020, 10:01 AM IST
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नई दिल्ली. Bharat e commerce अगले साल (2021) दिसंबर तक दुनिया का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स पोर्टल बन सकता है. यह सबसे ज़्यादा कारोबारियों की संख्या को लेकर यह दुनिया के नंबर वन चीनी पोर्टल अलीबाबा को भी पीछे छोड़ सकता है. यह दावा CAIT The Confederation of All India Traders) का है. इसकी बड़ी वजह बताते हुए कैट का कहना है कि अलीबाबा ने जो नंबर इतने साल में जाकर बनाया है उससे ज़्यादा तो हमारे पास पहले से ही है. कैट का यह पोर्टल अगले महीने दिसंबर में पब्लिक के बीच आ जाएगा. अभी कुछ दिन पहले ही कैट ने भारत ई कॉमर्स का लोगो लांच किया है.

इसलिए नंबर वन बनेगा भारत ई कॉमर्स

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि चाइन के अलीबाबा पोर्टल पर 7 करोड़ दुकानदार हैं. इसी के चलते वो दुनिया का नंबर वन पोर्टल बना हुआ है. लेकिन लॉकडाउन के चलते हम धीरे-धीरे चलते हुए भी एक साल में अलीबाबा के इस आंकड़े को छू लेंगे. और सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब भारतीय कारोबारी होंगे. एक ऐसोसिएशन के नाते यह सभी कारोबारी हमारे से पहले से ही जुड़े हुए हैं. कैट कारोबारियों की एक राष्ट्रीय संस्था है.



कैट से मौजूदा वक्त में 40 हज़ार छोटी-बड़ी एसोसिएशन और उसके 7 करोड़ कारोबारी जुड़े हुए हैं. वहीं एक मोटे अनुमान के अनुसार 7 करोड़ कारोबारियों के यहां करीब 40 से 45 करोड़ लोग काम करते हैं. दूसरी ओर कहीं न कहीं 7 करोड़ कारोबारी भी एक-दूसरे के ग्राहक हैं. कुल मिलाकर यह आंकड़ा भारत ई कॉमर्स की कामयाबी की बड़ी सीढ़ी बनेगा. और यही सीढ़ी हमे 5 लाख कारोबारी वाले अमेजन और 1.5 लाख वाले फ्लिपकार्ट से आगे निकलने में मदद करेगी.
यह खासियत होगी भारत ई कॉमर्स

राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि इस पोर्टल को शुरु करने के पीछे हमारा सबसे बड़ा मकसद चाइनीज सामान का बायकाट करना है. इस पोर्टल पर एक भी चाइनीज सामान नहीं बिकेगा. एफडीआई या किसी भी तरीके से इस पोर्टल में विदेशी निवेश नहीं होगा. इस पोर्टल को बनाने के लिए नई अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, डिलीवरी सिस्टम, सामान का क्वालिटी कण्ट्रोल, डिजिटल भुगतान आदि खास तकनीकों का पूरा इस्तेमाल किया गया है.
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