BPCL को बेचने के लिए! आज होगी सरकार की अहम बैठक

चालू कारोबारी वित्त वर्ष में BPCL को बेचने की योजना
चालू कारोबारी वित्त वर्ष में BPCL को बेचने की योजना

BPCL को लेकर CCD यानी Cabinet Committee on Disinvestment की आज बैठक होगी. यह बैठक कैबिनेट सचिव की अगुवाई में होगी. नीति आयोग के CEO और विनिवेश सचिव भी इसमें शामिल होंगे.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Government of India) ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) में पूरी हिस्सेदारी बेचेगी. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जनकारी के मुताबिक, इसको लेकर CCD यानी Cabinet Committee on Disinvestment की आज अमह बैठक होगी. यह बैठक कैबिनेट सचिव की अगुवाई में होगी. नीति आयोग के CEO और विनिवेश सचिव भी इसमें शामिल होंगे. बैठक में संबंधित मंत्रालय के अधिकारी भी होंगे. आपको बता दें कि BPCL में 52.98 फीसदी हिस्सेदारी है.

भारत पेट्रोलियम के विनिवेश पर दोबारा विचार नहीं होगा- पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल में कहा था कि सरकार का भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के निजीकरण से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है. भारत पेट्रोलियम के विनिवेश पर दोबारा विचार करने की जहां तक बात है तो मेरा स्पष्ट जवाब ना है. सरकार में इस बात को लेकर स्पष्ट सोच है कि सरकार का काम व्यवसाय करना नहीं है.

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उन्होंने कहा कि, भारत पेट्रोलियम के विनिवेश के समय के बारे में वित्त मंत्रालय फैसला लेगा. सरकार ने पिछले साल नवंबर में भारत पेट्रोलियम में अपनी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय किया था. इसके लिए संभावित बोली लगाने वालों से 31 जुलाई तक उनके रुचि पत्र मांगे गए हैं.

बीपीसीएल के पास देश में चार रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.83 करोड़ टन है. कंपनी के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी वितरक एजेंसियां हैं. सरकार को इस विनिवेश से करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. BPCL का अधिग्रहण करने वाले खरीदार को देश की 14 प्रतिशत कच्चा तेल शोधन क्षमता और ईंधन विपणन ढांचे का करीब 25 प्रतिशत मिलेगा.
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