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केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा! देशभर में 69 हजार पेट्रोल पंप पर लगेंगे ई-व्हीकल चार्जिंग कियोस्क

केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा! देशभर में 69 हजार पेट्रोल पंप पर लगेंगे ई-व्हीकल चार्जिंग कियोस्क

नितिन गडकरी की फाइल फोटो. (फोटो क्रेडिट-PTI)

नितिन गडकरी की फाइल फोटो. (फोटो क्रेडिट-PTI)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (Auto Industry) सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधन के अवसर को अपनाना चाहेगी. उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ई-व्‍हीकल्‍स (E-Vehicles) को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी (GST) घटाकर 5 फीसदी करने के साथ ही कई कदम उठाए हैं.

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नई दिल्‍ली. पेट्रोलियम पदार्थों के आयात (Oil Import) पर निर्भरता, ईंधन लागत और प्रदूषण (Pollution) कम करने के लिए केंद्र सरकार लगातार इलेक्ट्रिक व्हीकल (E-Vehicles) के चलन को बढ़ावा दे रही है. इलेक्ट्रिक व्हीकल का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्तेमाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग स्टेशनों (Charging Stations) की कमी और ज्‍यादा उत्पादन लागत (Production Cost) है. केंद्र सरकार चाहती है कि पेट्रोल पंपों (Petrol Pumps) की तरह देशभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था की जाए. सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी (MoRTH Nitin Gadkari) ने बताया कि केंद्र सरकार देशभर के 69 हजार पेट्रोल पंपों पर ई-व्हीकल चार्जिंग कियोस्‍क लगाने की योजना पर काम कर रही है.

ब्राजील और अमेरिका की तरह देश में वाहन इंजन बनाए इंडस्ट्री
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कॉन्फ्रेंस 2020 में गडकरी ने अमेरिका और ब्राजील (US & Brazil) की तरह ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से पेट्रोल, एथेनॉल, सीएनजी तीनों से चलने वाले व्हीकल इंजन बनाने की दिशा में काम करने की अपील की. गड़करी ने भरोसा जताया कि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री सीएनजी, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधन के अवसर को अपनाना चाहेगी. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को डबल डेकर बसों की मैन्‍युफैक्‍चरिंग की दिशा में भी काम करना चाहिए. साथ ही बताया कि केंद्र सरकार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) को इलेक्ट्रिक हाईवे (E-Highway) के तौर पर डेवलप कर रही है.

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5 साल में भारत बनेगा ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब
भारत सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है. भारत सरकार इसके लिए सभी इंडस्ट्री को हरसंभव बढ़ावा दे रही है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि उनका सपना है अगले पांच साल में भारत ऑटोमोबाइल मैनुफेक्चरिंग हब बने. साथ ही भरोसा जताया कि उनका ये सपना जरूर पूरा होगा. गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर ने हाल में कई इनोवेशन किए हैं. व्हीकल के अलग-अलग डिजाइन व मॉडल्स का डेवलपमेंट, शानदार शोधकार्य, बड़ा बाजार, सरकार का स्‍थायी फ्रेमवर्क और देश के मल्टी टैलेंटेड इंजीनियरों के नए आइडियाज से यह सपना साकार होगा.

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ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने उठाए हैं ये कदम
देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए हाल में कई कदम उठाए गए हैं. केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दी है. वाहनों की कीमत से बैटरी की कीमत को अलग रखने की भी इजाजत दे दी है. बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन की लागत में 30 फीसदी हिस्‍सा बैटरी की कीमत होती है. यही नहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए केंद्र सरकार ने 51,000 करोड़ रुपये प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव की भी घोषणा की है. इस सेक्टर में नई नौकरियों की भी काफी संभावनाएं हैं. एक अनुमान के मुताबिक, ऑटोमोबाइल सेक्टर को 2.5 करोड़ स्किल्‍ड कर्मचारियों की जरूरत है.undefined

Tags: E-Vehicle, Electronic Vehicles, Nitin gadkari, Petrol Pump, Transport Minister

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