पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान! बेकार पड़ी 100 सरकारी संपत्तियों को बेचकर 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाएगी सरकार

पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को बेचकर जुटने वाली रकम को विकास परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को बेचकर जुटने वाली रकम को विकास परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा.

केंद्र सरकार (Central Government) बेकार पड़ी या आधू-अधूरे तौर पर इस्‍तेमाल हुई अपनी 100 संपत्तियों को बाजार में बेचकर (Monetize Assets) 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि सरकार मौद्रिकरण और आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है. बेकार पड़ी संपत्तियों के मौद्रिकरण से आने वाली रकम को आम लोगों पर खर्च किया जाएगा.

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  • Last Updated: February 24, 2021, 9:30 PM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि केंद्र मौद्रिकरण (Monetization) और आधुनिकीकरण (Modernization) पर जोर दे रहा है. उन्‍होंने बताया कि ऐसेट मॉनेटाइजेशन स्‍कीम (AMS) के तहत बेकार पड़ी हुई या आधी-अधूरी इस्‍तेमाल हुई 100 सरकारी संपत्तियों का मौद्रिकरण किया जाएगा. इससे सरकार को 2.5 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे, जिनका इस्‍तेमाल आम लोगों पर किया जाएगा. साथ ही प्राइवेट सेक्‍टर को लेकर कहा कि निजी क्षेत्र से दक्षता आती है और लोगों को रोजगार (Employment) मिलता है. उन्‍होंने कहा कि सरकार चार रणनीतिक क्षेत्रों (Strategic Sectors) को छोड़कर सभी क्षेत्रों के सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के निजीकरण को लेकर प्रतिबद्ध है.

'जब भी सरकार कारोबार में हस्‍तक्षेप करती है तो होते हैं नुकसान'
पीएम मोदी ने कहा कि रणनीतिक महत्व वाले चार क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कम से कम स्तर पर रखा जाएगा. साथ ही कि जब सरकार मौद्रिकरण करती है तो उस खाली जगह को प्राइवेट सेक्‍टर ही भरता है. निजी क्षेत्र निवेश के साथ ही वैश्विक स्‍तर पर अपनाई जाने वाली चीजों को साथ में लाता है. उन्‍होंने कहा कि सरकार का काम कारोबार करना नहीं है. सरकार का काम विकास परियोजना पर ध्‍यान देना है. जब भी सरकार कारोबार में हस्‍तक्षेप करती हैं तो बड़े नुकसान होते हैं. नियमों से बंधी सरकार मुश्किल और जोखिमभरे वाणिज्यिक फैसले नहीं ले सकती हैं. उन्‍होंने बताया कि सरकार 111 लाख करोड़ रुपये की नई राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रही है.

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'हमेशा रहती है नीतियों में समय के मुताबिक सुधार की गुजाइश'


सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर पीएम मोदी ने कहा कि ये समय की मांग है. सरकारी कंपनियों की स्‍थापना का दौर अलग था और उस समय की जरूरतें भी अलग थीं. अब से 50-60 साल अच्‍छे नतीजे देने वाली नीतियों में समय के मुताबिक सुधार की गुजाइश हमेशा बनी रहती है. अब जब हम नीतिगत सुधारों की दिशा में कदम उठा रहे हैं तो हमारा मकसद पब्लिक मनी के बेहतर इस्‍तेमाल है. उन्‍होंने कहा कि मौद्रिकरण और विनिवेश के जरिये जुटने वाली रकम का इस्‍तेमाल विकास परियोजनाओं पर किया जाएगा. मोद्रिकरण और निजीकरण के फैसलों से भारतीय नागरिकों को सशक्‍त बनाने में मद मिलेगी.
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