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रेटिंग एजेंसी मूडीज ने दिया भारत को झटका! अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव किया

News18Hindi
Updated: November 8, 2019, 10:38 AM IST
रेटिंग एजेंसी मूडीज ने दिया भारत को झटका! अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव किया
दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत को दिया झटका!

दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे अपने आउटलुक यानी नजरिए को 'स्टेबल' (स्थि‍र) से घटाकर 'नेगेटिव' कर दिया है.

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  • Last Updated: November 8, 2019, 10:38 AM IST
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मुंबई. दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody's) ने भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे अपने आउटलुक यानी नजरिए को 'स्टेबल' (स्थि‍र) से घटाकर 'नेगेटिव' (Moodys cut Indias Outlook to Negative from Stable) कर दिया है. इसके पहले अक्टूबर में ही मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने 2019-20 में GDP ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया था. मूडीज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पहले के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ गया है, इसलिए आउटलुक को घटाने का फैसला किया है. आपको बता दें कि दुनिया की अन्य बड़ी रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) और एसएंडपी (S&P Global Ratings) ने भारत के आउटलुक को स्टेबल रखा है.

अब क्या होगा- कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर पशुपति सुब्रमण्यम ने न्यूज18 हिंदी को बताया है कि रेटिंग एजेंसी के इस फैसले से खास असर नहीं होगा, क्योंकि अब दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे है. क्योंकि, ब्याज दरें घटाने के बाद निवेशकों का भरोसा भी लौटा है. इसीलिए शेयर बाजार में तेजी आई है. भारत में विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर महीने में करीब 8595.66 करोड़ रुपये लगाए हैं. वहीं, नवंबर में अभी तक  2,806.10 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं.

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वीएम पोर्टफोलियो के हेड विवेक मित्तल कहते हैं कि मौजूदा तिमाही में भी जीडीपी ग्रोथ पर दबाव रह सकता है. लेकिन अगले साल के शुरुआती महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सकती है. इसके संकेत कंपनियों के तिमाही नतीजों से मिले है.

जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर रहा है. इसीलिए घरेलू शेयर बाजार पर रेटिंग घटाने का खास असर नहीं है. ऐसे माहौल में निवेशकों के पास अच्छे शेयरों में खरीदारी करने का मौका है.

भारत की रेटिंग BAA2- रेटिंग के बारे में जानकारी देते हुए मूडीज ने कुछ चीजों को लेकर चिंताएं जाहिर की है. मूडीज का कहना है कि आर्थिक मंदी को लेकर चिंताएं लंबे समय तक रहेंगी और कर्ज बढ़ सकता है.

कौन है मूडीज- आपको बता दें कि रेटिंग देने के इस सिस्टम देने की शुरुआत 1909 में जॉन मूडी ने की थी. इसका मकसद इन्वेस्टर्स को एक ग्रेड देना है, ताकि मार्केट में उसकी क्रेडिट बन सके. Moody's कॉर्पोरेशन, Moody's इन्वेस्टर्स सर्विस की पेरेंट कंपनी है, जो क्रेडिट रेटिंग और रिसर्च का काम करती है.
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मूडीज की रेटिंग का मतलब मूडीज एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है. ये एजेंसी 100 से भी अधिक आर्थिक विशेषज्ञों के साथ किसी देश की रेटिंग तय करते हैं. हालांकि, इसके लिए कोई भी फॉर्मूला नहीं है.

किसी देश के लिए क्या है मायने- इसमें किसी भी देश पर कर्ज और उसे चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखा जाता है. इसके अलावा रेटिंग एजेंसी देश में आर्थिक सुधारों और उसके भविष्य के प्रभाव को भी ध्यान में रखता है.

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First published: November 8, 2019, 10:09 AM IST
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