'बिग बुल' राकेश झुनझुनवाला ने 7 कंपनियों में घटाई हिस्सेदारी, चेक करें क्‍या आपके पास भी इनके शेयर

राकेश झुनझुनवाला अपने पोर्टफोलियों की ओवरहालिंग को लेकर वे फिर से चर्चा में हैं.

राकेश झुनझुनवाला अपने पोर्टफोलियों की ओवरहालिंग को लेकर वे फिर से चर्चा में हैं.

दलाल स्‍ट्रीट (Dalal Steeet) में बिग बुल के तौर पर पहचाने जाने वाले दिग्‍गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने जनवरी-मार्च 2021 तिमाही के दौरान टाटा कम्‍युनिकेशंस (Tata Comm) और टाइटन (Titan) के अलावा 5 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. उन्‍होंने कुछ कंपनियों में रुटीन मुनाफावसूली (Profit Booking) रणनीति के तहत हिस्सेदारी बेची है.

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नई दिल्‍ली. शेयर बाजार (Stock Markets) में अपने लंबे अनुभव और सटीक अनुमानों के कारण निवेशकों के बीच 'बिग बुल' के तौर पर पहचाने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने जनवरी-मार्च 2021 के दौरान आधा दर्जन से ज्‍यादा कंपनियों में अपनी हिस्‍सेदारी घटा दी है. एसइक्विटी (AceEquity) के आंकड़ों के मुताबिक, उन्‍होंने मार्च 2021 तिमाही में 7 स्टॉक्स में हिस्सेदारी घटा दी है. बता दें कि बड़ी संख्‍या में खुदरा निवेशक राकेश झुनझुनवाला के हर कदम पर नजर रखते हैं. उनको मल्टीबैगर स्टॉक चुनने में महारत है. उन्‍होंने मार्च 2021 तिमाही में 3 कंपनियों में जहां अपनी हिस्सेदारी घटाई है. वहीं, इस अवधि में 4 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 1 फीसदी से भी कम कर दी है.

इन कंपनियों में राकेश झुनझुनवाला ने घटा दी है अपनी हिस्‍सेदारी

राकेश झुनझुनवाला भारतीय कंपनियों में झुनझुनवाला राकेश राधेश्याम, झुनझुनवाला रेखा राकेश, राकेश झुनझुनवाला और रेखा राकेश झुनझुनवाला के नाम से निवेश करते हैं. फरवरी में रिकॉर्ड उच्‍चस्‍तर छूने के बाद शेयर बाजार में कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते काफी उठापटक शुरू हो गई है. जिन कंपनियों में राकेश ने हिस्सेदारी घटाई है, वे ट्रैवल, आईटी, रीयल एस्‍टेट और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर सेक्‍टर से जुड़े हैं. राकेश झुनझुनवाला ने टाटा कम्‍युनिकेशंस (Tata Comm), टाइटन (Titan) और वीआईपी इंडस्‍ट्रीज (VIP Industriesद्व शामिल हैं. वहीं, उन्‍होंने इंडियाबुल्‍स रीयल एस्‍टेट (Indiabulls Real Estate), आईऑन एक्‍सचेंज (ION Exchange), फर्स्‍टसोर्स सॉल्‍यूशंस (Firstsource Solutions) और जीएमआर इंफ्रा (GMR Infra) में हिस्सेदारी घटाकर 1 फीसदी से नीचे कर ली है.

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मुनाफावसूली रणनीति के तहत कुछ कंपनियों में घटाई है हिस्‍सेदारी

कुछ कंपनियों में मार्च तिमाही के दौरान राकेश झुनझुनवाला ने मुनाफावसूली रणनीति के तहत हिस्सेदारी बेची है. दरअसल, कुछ सेक्टर्स पर कोविड-19 की दूसरी लहर का निगेटिव असर देखने को मिल सकता है. हालांकि, ये ट्रेंड शॉर्ट टर्म के लिए हो सकता है. एक बार कोरोना पर नियंत्रण होने पर इन सेक्टरों में फिर से तेजी आ सकती है. उन्‍होंने अप्रैल में कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर की परेशानी बहुत लंबी अवधि के लिए नहीं होगी. एकबार टीकाकरण में तेजी आने पर इससे जुड़ी परेशानी कम होने लगेगी और बाजार भी रिकवर होगा. टाटा कम्‍युनिकेशंस में एफआईआई ने हिस्सेदारी दिसंबर के 17.6 फीसदी से बढ़ाकर मार्च तिमाही में 24.4 फीसदी कर ली है.

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