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गोदाम अनाज से भरे हैं, कहां रखा जाएगा 4 करोड़ टन नया गेहूं?

81 करोड़ लोग सब्सिडी कीमत पर अनाज खरीदने के हकदार हैं.

81 करोड़ लोग सब्सिडी कीमत पर अनाज खरीदने के हकदार हैं.

किसान नेता पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि रिकॉर्ड पैदावार और खरीद अनुमान के बीच गेहूं रखने की बड़ी चुनौती है क्योंकि गोदाम अनाज से भरे हुए हैं. दूसरी ओर सरकार ने गेहूं उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी में 90 लाख टन क्षमता का अस्थायी भंडारण इंतजाम करने का दावा किया है

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नई दिल्ली. किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने कहा है कि गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार (wheat production) और खरीद की ओर बढ़ रहे भारत में सबसे बड़ा संकट उसे रखने का है. देश में लगभग आठ करोड़ टन अनाज भंडारण (Storage Crisis) की क्षमता है और गोदाम अनाज से लगभग भरे हुए हैं. जबकि रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2020-21 में करीब 4 करोड़ टन गेहूं की खरीद होने का अनुमान है. ऐसे में पुराना अनाज निकलेगा तब तो उसमें नया गेहूं रखा जाएगा. सरकार को पुराना गेहूं बाहर निकालकर पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) के जरिए जरूरतमंदों को दे देना चाहिए. लॉकडाउन की वजह से करोड़ों लोग खाने-पीने की समस्या को लेकर परेशान हैं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि मामलों के जानकार पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि सरकारी राशन वितरण आधार पर करना चाहिए. इससे उन लोगों को भी राशन मिल जाएगा जिनके पास राशन कार्ड नहीं है. अभी पीडीएस में सरकार ने प्रति माह प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज देने का फैसला किया है. यह अच्छी बात है, लेकिन तीन माह का अनाज एक साथ दिया जाना चाहिए. ताकि बार-बार भीड़ न लगे.

गरीबों को अनाज भी मिलेगा भंडारण की दिक्कत भी खत्म होगी 

देश में 80 करोड़ लोगों को फूड सिक्योंरिठी एक्ट के तहत अब करीब 80 लाख टन अनाज मिलेगा. तीन माह का एक साथ देने पर 2.5 से 3 करोड़ टन गेहूं निकल जाएगा. इस तरह गरीबों तक अनाज मिल जाएगा और गोदामों में नया गेहूं रखने की जगह मिल जाएगी. वरना पुराना अनाज सड़ने लगेगा और नया बाहर होने से भीगने का खतरा पैदा हो जाएगा.

wheat crop
कोरोना संकट के बीच गेहूं की कटाई


90 लाख टन क्षमता भंडारण का अस्थायी इंतजाम 

उपभोक्ता मामले के राज्य मंत्री दानवे राव साहेब दादाराव ने बीते 17 मार्च को लोकसभा में कहा था कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकारों द्वारा 1 अप्रैल 2017 से 31 जनवरी 2020 तक 51,925 टन भंडारण क्षमता का निर्माण किया गया है.

सरकार ने रबी सीजन 2020-21 में गेहूं का स्टाक रखने के लिए अस्थायी भंडारण की 90 लाख टन क्षमता के कैप (Cover and Plinth) निर्माण के लिए एक स्कीम की स्वीकृति दी है. इसके तहत पंजाब में 35, हरियाणा में 20, मध्य प्रदेश में 25 और यूपी में 10 लाख टन अनाज रखने का अस्थायी इंतजाम किया गया है.

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