सरकार का बड़ा फैसला! मास्‍क के बाद अब शरीर में कोरोना का स्‍तर बताने वाली इस चीज की कीमत भी होगी फिक्स्ड

सरकार का बड़ा फैसला! मास्‍क के बाद अब शरीर में कोरोना का स्‍तर बताने वाली इस चीज की कीमत भी होगी फिक्स्ड
केंद्र सरकार फेस मास्‍क के बाद शरीर में कोरोना वायरस का स्‍तर बताने वाले पल्‍स ऑक्‍सीमीटर की कीमत भी तय कर रही है.

नेशनल फार्मास्‍युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने निर्माता और आयातक दोनों से पल्‍स ऑक्‍सीमीटर (Pulse Oximeter) के अधिकतम खुदरा मूल्‍य (MRP) की जानकारी मांगी है. फिलहाल बाजार में पल्‍स ऑक्‍सीमीटर 1,200 से 2,500 रुपये के बीच मिल रहे हैं.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus in India) का प्रकोप फैलने के साथ ही बाजार में फेस मास्‍क (Face Mask) की कीमतों में तेजी से उछाल आना शुरू हो गया था. यहां तक कि एक समय मास्‍क वास्‍तविक मूल्‍य से कई गुना दाम पर बिक रहे थे. इसके बाद केंद्र सरकार (Central Government) ने मास्‍क की कालाबाजारी रोकने के लिए हर तरह के मास्‍क की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) तय की. अब सरकार शरीर में कोरोना के स्‍तर का पता लगाने वाले पल्‍स ऑक्‍सीमीटर (Pulse Oximeter) की कीमत भी फिक्‍स्‍ड करने जा रही है.

NPPA ने निर्माता और आयातकों से मांगी एमआरपी की जानकारी
विशेषज्ञों का मानना है कि खून में ऑक्सीजन (Oxygen in Blood) का स्तर बताने वाले यंत्र ऑक्‍सीमीटर से शरीर में कोरोना के स्तर का पता लगाया जा सकता है. माचिस की डिब्‍बी के आकार वाले छोटे से ऑक्‍सीमीटर को ऊंगली या कान के ऊपर क्लिप करना होता है. इसके बाद ये यूजर के हार्ट (Heart) और फेफड़ों (Lungs) की हालत के बारे में बता देता है. देश में ज्‍यादातर ऑक्‍सीमीटर विदेश से आयात (Imported) किए जाते हैं. ऐसे में नेशनल फार्मास्‍युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने निर्माता और आयातक दोनों से ऑक्‍सीमीटर के अधिकतम खुदरा मूल्‍य (MRP) की जानकारी मांगी है.

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एनपीपीए ने कहा, साल में 10 फीसदी से ज्‍यादा न बढ़ाए जाएं दाम


एनपीपीए ने सभी मैन्युफैक्चरर और इम्पोर्टर्स को ऑक्‍सीमीटर के दाम साल में 10 फीसदी से ज्‍यादा नहीं बढ़ाने को कहा है. फिलहाल बाजार में ऑक्‍सीमीटर 1,200 से 2,500 रुपये के बीच मिल रहे हैं. दरअसल, कोरोना संकट के ऑक्‍सीमीटर की मांग काफी बढ़ गई है विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऑक्सीजन सैच्युरेशन एक निश्चित स्तर से 2-3 फीसदी गिरता है तो हालात गंभीर हैं. ऐसे में तुरंत डॉक्टर या एंबुलेंस को कॉल करना चाहिए. बता दें कि शरीर में सामान्य अवस्था में ऑक्सजीन सैच्युरेशन 95–100 होता है.

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ऑक्‍सीमीटर की मदद से घटाई जा सकती है कोरोना से मृत्‍युदर
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग घर पर ही कोरोना स्तर की जांच कर सकें तो कई फायदे होंगे. उनके मुताबिक, अगर लोग पल्‍स ऑक्‍सीमीटर की मदद से ये समझ सकें कि कब उन्हें अस्पताल आना है तो दबाव कम होगा. साथ ही इससे तुरंत वेंटिलेटर की जरूरत वाले मराजों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी. पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से कोरोना के लक्षण दिखने से पहले ही मरीज के फेफड़ों पर असर का पता लगाया जा सकता है. इससे सही समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है और मृत्‍युदर कम की जा सकती है.
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