Bank Privatisation से ग्राहकों को फायदा होगा या नहीं? RBI ने बनाया ये नया प्लान..

क्या विलय ग्राहक सेवाओं के लिहाज से ठीक रहेगा या नहीं.

क्या विलय ग्राहक सेवाओं के लिहाज से ठीक रहेगा या नहीं.

Bank PrivatisationNews: बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation ) की प्रक्रिया कोरोना की दूसरी लहर (Corona second wave) के चलते धीमी हो गई है. पहले चरण में सरकार (Government) दो बैंकों को प्राइवेट करेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 9:11 AM IST
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नई दिल्ली. बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation ) की प्रक्रिया कोरोना की दूसरी लहर (Corona second wave) के चलते धीमी हो गई है. पहले चरण में सरकार (Government) दो बैंकों को प्राइवेट करेगी. इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बैंकों के मर्जर को लेकर ग्राहकों से उनके मन की बात जानने के लिए सर्वे करेगा. RBI एक कस्टमर सटिस्फेक्शन सर्वे करेगा जिसकी मदद से वह जानना चाहता है कि ग्राहकों को इससे लाभ मिला है या नहीं.

क्या है RBI का प्लान?

RBI ने हाल में हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के संबंध में ग्राहकों की संतुष्टि के बारे में पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण करने का फैसला किया है. ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण के तहत अन्य सवालों के अलावा यह भी पूछा जाएगा कि क्या विलय ग्राहक सेवाओं के लिहाज से ठीक रहेगा या नहीं. इस सवाल के जवाब में ग्राहकों के पास - अत्यधिक सहमत, सहमत, ठीक-ठाक, असहमत, अत्यधिक असहमत, जैसे विकल्प होंगे.सेंट्रल बैंक उनसे यह भी पूछेगा कि क्या कस्टमर सर्विस को लेकर मर्जर का फैसला गलत या सही रहा है. हर सवाल के लिए ग्राहकों को पांच विकल्प- strongly agree, agree, neutral, disagree और strongly disagree दिए जाएंगे.

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कुल 22 प्रश्नों के देने होंगे जवाब

प्रस्तावित सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित 21 राज्यों के कुल 20,000 उत्तरदाता शामिल होंगे और इसमें कुल 22 प्रश्न होंगे. इन 22 सवालों में चार सवाल खासतौर से उन बैंकों के ग्राहकों के लिए हैं, जिनकी शाखाओं का दूसरे बैंक की शाखाओं में विलय किया गया है. इन ग्राहकों से ग्राहक सेवाओं और शिकायतों के समाधान को लेकर उनके अनुभवों के बारे में पूछा जाएगा.

प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में ये बैंक शामिल



रिपोर्ट के मुताबिक, निति आयोग ने 4-5 बैंकों के नामों का सुझाव दिया है और माना जा रहा है कि पहले चरण में किसी दो के नाम तय कर लिए जाएंगे. प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक के नाम की चर्चा है.

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ये बैंक नहीं होंगे लिस्ट में..

नीति आयोग के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अलावा जिन बैंकों का पिछले कुछ समय में एकीकरण किया गया है, उन बैंकों का प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा. इस समय देश में 12 सरकारी बैंक हैं. रिपोर्ट के आधार पर निजीकरण की लिस्ट में SBI के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा नहीं हैं.
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