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भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी गिरावट, टैक्स के बाद यूपीआई पेमेंट का संकट सामने आया

 मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को क्रिप्टो टैक्स लागू होने के बाद ही क्रिप्टो खरीद बेच का बिजनेस काफी प्रभावित हुआ है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को क्रिप्टो टैक्स लागू होने के बाद ही क्रिप्टो खरीद बेच का बिजनेस काफी प्रभावित हुआ है.

नैस्डैक-लिस्डेट (Nasdaq Listed Company) Coinbase ने कहा था कि वह जल्द ही यूपीआई से पेमेंट करके क्रिप्टो खरीदने की सुविध ...अधिक पढ़ें

मुंबई . भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेज गिरावट देखी जा रही है. 1 अप्रैल से देश में क्रिप्टो से कमाई पर 30 परसेंट का टैक्स चालू हो गया है. इसका असर क्रिप्टो ट्रेडिंग पर दिख रहा था तभी यूपीआई का भी लफड़ा सामने आ गया है. अमेरिका स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी खरीदने वाला विकल्प फिलहाल बंद कर दिया है. मात्र 3 दिन पहले ही Coinbase ने भारत में क्रिप्टो के खरीद बेच की घोषणा की थी.

नैस्डैक-लिस्डेट (Nasdaq Listed Company) Coinbase ने कहा था कि वह जल्द ही यूपीआई से पेमेंट करके क्रिप्टो खरीदने की सुविधा शूरु करेगी. 7 अप्रैल को एक मेगा इवेंट में यह घोषणा की जाएगी. इस खबर के आने के बाद ही नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बयान जारी कर कहा कि उसे ‘UPI का इस्तेमाल करने वाले किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज के बारे में जानकारी नहीं है.’

मोबिक्विक वॉलेट ने क्रिप्टो ट्रेडिंग बंद की
वर्तमान में, ऐप से पता चलता है कि यूपीआई से क्रिप्टो खरीद का कोई भी ऑप्शन अभी उपलब्ध नहीं है. सिर्फ यूजर्स IMPS तरीके से सेल कर सकते हैं. खासकर, मोबिक्विक वॉलेट ने क्रिप्टो ट्रेडिंग बंद कर दी है. इसने प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों के साथ पार्टनरशिप की थी. इसके अलावा, केवल कुछ एक्सचेंज बैंक ट्रांसफर का इस्तेमाल करके क्रिप्टो ट्रेडिंग की अनुमति दे रहे हैं. इंडस्ट्री के एक सूत्र ने कहा, “कुल मिलाकर, ट्रेडिंग वॉल्यूम में काफी गिरावट आई है.”

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क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स
यह इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका है, जो पहले से ही भारत में मंदी का सामना कर रही थी, क्योंकि यहां क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगाने की घोषणा की गई है. सूत्र ने कहा, “अगले कुछ महीनों में केवल अच्छी तरह से फाइनेंस एक्सचेंज ही बचे रहेंगे, क्योंकि वॉल्यूम में काफी गिरावट आई है, जो कि राजस्व का एक बड़ा सोर्स है.”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को क्रिप्टो टैक्स लागू होने के बाद ही क्रिप्टो खरीद बेच का बिजनेस काफी प्रभावित हुआ है. पहले दो दिनों में भारत के शीर्ष क्रिप्टोक्ररेंसी एक्सचेंजों पर लेनदेन के वॉल्यूम में 55% की गिरावट आई है, जबकि डोमेन ट्रैफ़िक में 40% की गिरावट आई है. इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, NPCI का रुख यह है कि UPI क्रिप्टो खरीद का समर्थन नहीं करता है.

Tags: Bitcoin, Crypto, Crypto currency, Cryptocurrency, Upi

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