लाइव टीवी

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने की नई खोज, ऐसे होगा सीधा फायदा

News18Hindi
Updated: March 26, 2020, 11:09 AM IST
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने की नई खोज, ऐसे होगा सीधा फायदा
मधुमक्खी पालन से अब होगी अधिक कमाई

वैज्ञानिकों ने मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले पारंपरिक छत्ते में सुधार कर नया छत्ता विकसित किया है, इससे बढ़ जाएगा शहद उत्पादन और किसानों की कमाई

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2020, 11:09 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (CSIO), चंडीगढ़ और हिमालय जैव-संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (IHBT), पालमपुर के वैज्ञानिकों किसानों (farmers) को बड़ा तोहफा दिया है. दोनों संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले पारंपरिक छत्ते में सुधार कर एक ऐसा नया छत्ता विकसित किया है जिससे मधुमक्खी पालक किसानों की आय काफी बढ़ सकती है. क्योंकि इससे उत्पादन बढ़ जाएगा.

दावा है कि इस छत्ते के उपयोग से पारंपरिक विधियों की अपेक्षा मेहनत कम लगती है. एक साल में 35 से 40 किलो शहद प्राप्त किया जा सकता है. जबकि पारंपरिक छत्ते से 10 से 25 किलोग्राम तक शहद प्राप्त होती है. नए छत्ते की खासियत यह है कि इसके फ्रेम और मधुमक्खियों से छेड़छाड़ किए बिना शहद को इकट्ठा किया जा सकता है. इससे पहले के मुकाबले शहद की शुद्धता भी अधिक होगी.

हिमालय जैव-संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (IHBT) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एस.जी. ईश्वरा रेड्डी ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “इस छत्ते के उपयोग से बेहतर हाइजीन बनाए रखने के साथ ही मधुमक्खियों की मृत्यु दर को कम कर सकते हैं.छत्तों का रखरखाव एक समस्या है, जिसके कारण शहद की शुद्धता प्रभावित होती है.”

 honey market in india, honey business in india, farmers Income, Bee, Madhumakhi, honey production, business news in hindi, भारत में शहद का बाजार, भारत में शहद का कारोबार, किसानों की आय, मधुमक्खी, शहद उत्पादन, बिजनेस समाचार हिंदी में, कृषि मंत्रालय, ministry of agriculture
नए विकसित छत्ते का भीतरी (बाएं) और बाहरी दृश्य (दाएं)




नए छत्ते में खास क्या है?

नए विकसित छत्ते में भरे हुए शहद के फ्रेम पर चाबी को नीचे की तरफ घुमाकर शहद प्राप्त किया जा सकता है. इसमें शहद सीधे बोतल में प्रवाहित होता है. इस तरह, शहद अशुद्धियों के संपर्क में आने से बच जाता है और उसकी उच्च गुणवत्ता बनी रहती है.

भारत में कितना है शहद उत्पादन

वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत शहद उत्पादन और उसके निर्यात के मामले में तेजी से उभरा है. इसके उत्पादन के मामले में भारत दुनिया में 8वां प्रमुख देश है. यहां हर साल 1.05 लाख मीट्रिक टन शहद उत्पादन होता है. राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 14,12,659 मधुमक्खी कॉलोनियों के साथ कुल 9,580 रजिस्टर्ड मधुमक्खी-पालक हैं.

प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2018-19 में 732.16 करोड़ रुपये का 61,333.88 टन प्राकृतिक शहद निर्यात किया. भारत इसका अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मोरक्को और कतर जैसे देशों में एक्सपोर्ट करता है.

ये भी पढ़ें:

कोरोना वायरस लॉकडाउन: मुनाफाखोरों की मौज, सब्जियों से राशन तक सब कर दिया महंगा, ये रहा सबूत 

 

कोरोना वायरस लॉकडाउन: 21 दिन बाद कितनी बदल चुकी होगी हमारी दुनिया 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 26, 2020, 10:54 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर