निजीकरण से पहले कर्मचारियों के लिए VRS योजना लाई BPCL, 13 अगस्त तक है डेडलाइन

निजीकरण से पहले कर्मचारियों के लिए VRS योजना लाई BPCL, 13 अगस्त तक है डेडलाइन
45 साल की आयु पूरी कर चुके कर्मचारी ले सकते हैं योजना का लाभ

Bharat Petroleum Voluntary Retirement Scheme - 2020: भारत पेट्रोलियम वीआरएस योजना-2020 (BPVRS-2020) 23 जुलाई को खुली है. यह 13 अगस्त को बंद होगी. VRS उन कर्मचारियों को बाहर निकलने का विकल्प देने लिए लाया गया है, जो निजी प्रबंधन के तहत काम नहीं करना चाहते हैं.

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नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपारेशन लि. (BPCL) अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लेकर आई है. सरकार देश की तीसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम विपणन कंपनी का निजीकरण (Privatisation) करने जा रही है. निजीकरण से पहले कंपनी ने अपने कर्मचारियों को वीआरएस (VRS) देने की पेशकश की है. बीपीसीएल ने अपने कर्मचारियों को भेजे आंतरिक नोटिस में कहा, कंपनी ने वीआरएस की पेशकश करने का फैसला किया है. यह योजना उन कर्मचारियों के लिए है जो विभिन्न व्यक्तिगत कारणों से कंपनी में सेवाएं जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं. वे कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर सकते हैं.

13 अगस्त को बंद होगी VRS
भारत पेट्रोलियम वीआरएस योजना-2020 (BPVRS-2020) 23 जुलाई को खुली है. यह 13 अगस्त को बंद होगी. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि VRS उन कर्मचारियों को बाहर निकलने का विकल्प देने लिए लाया गया है, जो निजी प्रबंधन के तहत काम नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, कुछ कर्मचारियों को लगता है कि बीपीसीएल के निजीकरण के बाद उनकी भूमिका, स्थिति या स्थान में बदलाव हो सकता है. यह योजना उन्हें बाहर निकलने का विकल्प देती है.

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BPCL में सरकार बेच रही अपनी पूरी हिस्सेदारी


बीपीसीएल (BPCL) में सरकार अपनी समूची 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है. कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 20,000 है. अधिकारी ने बताया कि पांच से 10 फीसदी कर्मचारी वीआरएस का विकल्प चुन सकते हैं. बीपीसीएल के अधिग्रहण के लिए रुचि पत्र (EoI) 31 जुलाई तक दिया जा सकता है.

कौन हैं VRS के पात्र
वीआरएस नोटिस के अनुसार 45 साल की आयु पूरी कर चुके कर्मचारी इस योजना के पात्र हैं. हालांकि, सक्रिय खिलाड़ी यानी किसी खेल की वजह से कंपनी में नियुक्त हुए खिलाड़ियों और बोर्ड स्तर के कार्यकारी इस योजना का विकल्प नहीं चुन सकते. योजना का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक पूरे हुए सेवा वर्ष के लिए दो माह का वेतन या VRS के समय तक का मासिक वेतन मिलेगा. सेवाकाल के शेष बचे महीनों को इसमें गुणा किया जाएगा. इसके अलावा उन्हें सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाला कंपनी छोड़ने का खर्च भी मिलेगा.

वीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति बाद चिकित्सा लाभ योजना के तहत चिकित्सा लाभ मिलेगा. इसके अलावा कर्मचारी अपने बचे अवकाश मसलन आकस्मिक, अर्जित, विशेषाधिकार (सीएल, ईएल और पीएल) के बदले नकदी में भुगतान भी ले सकेंगे. नोटिस में कहा गया है कि जिस कर्मचारी के खिलाफ किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा.

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बीपीसीएल के पास देश में चार रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.83 करोड़ टन है. कंपनी के पास 15,177 पेट्रोल पंप और 6,011 एलपीजी वितरक एजेंसियां हैं. सरकार को इस विनिवेश से करीब 60 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. BPCL का अधिग्रहण करने वाले खरीदार को देश की 14 फीसदी कच्चा तेल शोधन क्षमता और ईंधन विपणन ढांचे का करीब 25 फीसदी मिलेगा.
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