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यूपी, बिहार सहित 25 राज्यों में लागू होगी 1 जून से वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम, आपको मिलेंगे ये फायदें

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: February 19, 2020, 5:36 PM IST
यूपी, बिहार सहित 25 राज्यों में लागू होगी 1 जून से वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम, आपको मिलेंगे ये फायदें
इस योजना को पूरे देश में लागू करने के लिए सभी पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. (फाइल फोटो)

सरकारी राशन का 70 फीसदी हो जाता था चोरी, दबंग और जमाखोर उठाते थे फायदा, इसलिए मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ताकि असली जरूरतमंदों को ही मिले फायदा

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  • Last Updated: February 19, 2020, 5:36 PM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) 25 राज्यों के लोगों को बड़ा तोहफा देने वाली है. 1 जून 2020 से नई स्कीम वन नेशन, वन राशन कार्ड' (One Nation, One Ration Card)  योजना की शुरुआत हो रही है. इसके तहत पूरे देश में पीडीएस घारकों को देश के किसी भी कोने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से उनके हिस्से का राशन मिल सकेगा. इस योजना के तहत पीडीएस के लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस से की जाएगी. केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देशभर में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दामों पर खाद्यान मुहैया करवाती है. आपको बता दें कि 1 जनवरी 2020 से फिलहाल देश के 12 राज्यों हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक और केरल में यह योजना लागू हो चुकी है.

प्रथम चरण में इन खामियों का पता चला 

जिन 12 राज्यों में 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' स्कीम लागू हो चुकी है. जानकारों का मानना है कि  वितरण, डेटा और राज्यों में कोर्डिनेशन ठीक हो जाए तो यह योजना ज्यादा सफल हो सकती है. यही इसकी तीन बड़ी खामियां हैं.  मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2020 को की थी.

सभी पीडीएस दुकानों पर लगेंगी मशीनें    



पीडीएस दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. जैसे-जैसे राज्य पीडीएस दुकानों पर 100 फीसदी पीओएस मशीन की रिपोर्ट देंगे, वैसे-वैसे उन्हें 'वन नेशन,वन राशन कार्ड' योजना में शामिल किया जाएगा. इस योजना का मकसद लाभार्थियों को आजादी देना है ताकि वे किसी पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहें. इससे दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में भी कमी आएगी.

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पीएम नरेंद्र मोदी ने गरीबों के हित में बड़ी योजना की शुरुआत की है


फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के वेयरहाउसों, सरकार के वेयरहाउसों, प्राइवेट गोदामों और लगभग 533,000 राशन की दुकानों (FPS) के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में पहले के नियमों के मुताबिक लाभार्थियों को किसी अन्य दुकान से सब्सिडी पर अनाज लेने की अनुमति नहीं थी, इस वजह से अपने जिले और राज्य से बाहर जाने पर वह इस सुविधा से वंचित रह जाते हैं.

सरकारी राशन का 70 फीसदी हो जाता था चोरी 

इस प्रक्रिया की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन करने वाले कम से कम 5.42 करोड़ प्रवासी सब्सिडी पर अनाज नहीं ले पाते. इसी को ध्यान में रख कर मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल अगस्त 2014 में शांता कुमार की अध्यक्षता वाली एक कमेटी नियुक्त की थी. इस कमेटी ने कुछ राज्यों में 70% तक चोरी की जानकारी दी थी और वितरण को बेहतर बनाने के लिए प्रणाली को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करने का सुझाव दिया था.

One Nation One Ration Card
आंकड़ों से पता चलता है कि देशभर में ईपीओएस का वितरण समान नहीं है


कुल मिलाकर इस योजना के लिए ईपीओएस मशीन की उपलब्धता और आधार लिंक जरूरी होने की वजह से पता चलता है कि इसमें अभी भी कई खामियां हैं, जिन्हें 30 जून, 2020 की समय सीमा से पहले ठीक करना होगा. इस योजना के तहत पीडीएस के लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (EPOS) डिवाइस से की जाएगी. मालूम हो कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देशभर में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को सस्ते दामों पर खाद्यान मुहैया करवाती है.

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First published: February 19, 2020, 5:07 PM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 09 (08:00 AM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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