नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! EPFO अगले 7 दिन में आपके पैसों को लेकर लेगा बड़ा फैसला

नौकरी करने वाले लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर अगले 7 दिन में बड़ी खुशखबरी आ सकती है.

News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 1:21 PM IST
नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! EPFO अगले 7 दिन में आपके पैसों को लेकर लेगा बड़ा फैसला
EPFO अगले 7 दिन में बड़ी खुशखबरी दे सकता है
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Updated: August 23, 2019, 1:21 PM IST
नौकरी करने वाले लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर अगले 7 दिन में बड़ी खुशखबरी आ सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र की मोदी सरकार (Narendra Modi Government) साल 2018-19 के लिए EPF खाताधारकों के ब्याज दरें (Interest Rates) 8.65 फीसदी तय करने को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर सकता है. दरअसल वित्त और श्रम मंत्रालय में ब्याज दरों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी. इसीलिए ये मामला अटक गया था. हालांकि, अब खबरें आ रही है कि ब्याज दरों को लेकर दोनों में सहमति बन गई है और अगले 7 दिन में इसको लेकर नोटिफिकेशन (Finance Minister Notification) जारी हो सकता है.

ब्याज दरों पर एक नज़र- वित्त वर्ष 2017-18 में ईपीएफ पर ब्याज दर 8.55 फीसदी थी, जिसे बढ़ाकर 8.65 फीसदी किया गया है. ईपीएफओ ने पहले 2016-17 में ब्याज दर को घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया था, जो वित्त वर्ष 2015-16 में 8.8 फीसदी था. अगर नोटिफिकेशन जारी होता है तो कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा आपकी रकम पर वित्त वर्ष 2018-19 में 8.65 फीसदी ब्याज मिलेगा.

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वित्त वर्ष 2017-18 में ईपीएफ पर ब्याज दर 8.55 फीसदी थी, जिसे बढ़ाकर 8.65 फीसदी किया गया है.(फाइल फोटो)


साल 2018-19 के लिए PF पर 8.65 फीसदी ब्याज देने के बाद भी EPFO के पास 151 करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस बचेगा.

आपको बता दें कि 8.65 फीसदी की दर सरकार की अन्य छोटी बचत स्कीमों पर उपलब्ध ब्याज से ज्यादा है. छोटी बचत स्कीमों के रिटर्न की बेंचमार्किंग मार्केट रेट पर होती है.EPFO के 6 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं. यह संगठन 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रिटायरमेंट सेविंग को मैनेज करता है.

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आपको बता दें कि 8.65 फीसदी की दर सरकार की अन्य छोटी बचत स्कीमों पर उपलब्ध ब्याज से ज्यादा है. (फाइल फोटो)


इसलिए फंस हुआ था पेंच- वित्त मंत्रालय ने IL&FS संकट के चलते वित्त मंत्रालय ने EPFO से ब्याज दर की समीक्षा करने को कहा था. लेकिन, ईपीएफओ चाहता है कि पीएफ खाताधारकों को बढ़ा हुआ ब्याज ही मिले. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मंजूरी के बाद श्रम मंत्रालय को सौंपे गए मेमोरेंडम में कहा गया था कि IL&FS में निवेश के चलते फंड को नुकसान हुआ है. ऐसे में श्रम मंत्रालय को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पीएफ के ब्याज दर पर फिर से विचार करने की सलाह दी जाती है.

(मनीकंट्रोल)

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First published: August 23, 2019, 12:06 PM IST
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