अच्छी खबर! Cryptocurrency को लेकर अब सरकार ने बनाई ये योजना, आप भी कर सकेंगे निवेश

भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करन वाले निवेशकों की संख्या एक करोड़ के करीब पहुंच गई है.

भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करन वाले निवेशकों की संख्या एक करोड़ के करीब पहुंच गई है.

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन लगाने और इसे अपराध की श्रेणी में डालने के बीच एक अच्छी खबर आ रही है. केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने की सोच रही है.

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नई दिल्ली. पिछले एक साल से क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) खूब चर्चा में है. जहां एक तरफ दुनियाभर में क्रिप्टो बाजार (Crypto Market) का जबरदस्त बोलबाला है. निवेशकों को डिजिटल करेंसी (Digital Currency) में ट्रेडिंग काफी भा रही है. वहीं, दूसरी तरफ भारतीय निवेशक असमंजस में हैं. भारत में क्रिप्‍टोकरेंसी की वैधता को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को पशोपेश में डाल रखा है. क्योंकि एक तरफ सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नया और सख्त कानून लाने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय क्रिप्टोकरेंसी लाने पर विचार कर रही है. हालांकि, भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने और इसे अपराध की श्रेणी में डालने के बीच एक अच्छी खबर आ रही है. खबर है कि केंद्र सरकार (Central Government) क्रिप्टोकरेंसी को रेगुलेट करने की सोच रही है. इसकी स्टडी के लिए खास विशेषज्ञों का एक नया पैनल बना सकती है. बता दें कि अगर इसे रेग्युलरेट किया जाता है तो ट्रेडिंग को कानूनी मान्यता मिल जाएगी जिससे निवेशकों के लिए इसमें निवेश करना आसान और सुरक्षित हो जाएगा.

RBI की डिजिटल करेंसी पर पैनल करेगा स्टडी

ET की खबर के मुताबिक, नई कमिटी इस बात की संभावना तलाशेगी कि क्या ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा यह कमिटी क्रिप्टो को डिजिटल असेट के रूप में रेग्युलेट करने को लेकर भी अपनी सलाह देगी. समिति को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्तावित डिजिटल रुपये के संचालन के तरीकों का अध्ययन करने के लिए भी कहा जा सकता है. सरकार भारत में क्रिप्टो को नए सिरे से शुरू पर विचार कर रही है. हालांकि, ये अभी शुरुआती चरण में हैं और अभी तक कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है. बता दें कि इससे पहले सरकार ने 2019 में एक पैनल का गठन किया था. इस पैनल के अध्यक्ष पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष गर्ग थे. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी पर ब्लैंकेट बैन लगना चाहिए. अब सरकार का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी पर ब्लैंकेट बैन संभव नहीं है.

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क्रिप्टो ट्रेडिंग पर है वित्त मंत्रालय की नजर

ईटी ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि वित्त मंत्रालय, देश में क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर निगरानी कर रहा है. साथ ही स्टेकहोल्डर और जानकारों से इसके संभावित जोखिमों पर बात कर रहा है. बता दें कि इससे पहले इस संबंध में वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री, अनुराग ठाकुर ने क्रिप्टो और बैंकिंग इंडस्ट्री फोरम के सदस्यों से मुलाकात की थी. खबर है कि इस नए पैनल में अनुराग ठाकुर भी सदस्य हो सकते हैं. इसके अलावा इस पैनल में विपक्षी दल के नेताओं को भी शामिल किया जाएगा.

वहीं, अन्य सूत्र के हवाले से बताया गया है कि उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की टीम क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के बारे में जानकारी देंगी. बता दें कि सीतारमण और ठाकुर दोनों ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से कहा था कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर रोक लगाने के बजाय उनका नियमन और नियंत्रण करना चाहती है.



मार्च में पेश किया जाना था कानून

संसद के बजट सत्र में द क्रिप्‍टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 पेश करने का प्रस्‍ताव था. इस बिल में प्राइवेट क्रिप्‍टोकरेंसी बैन करने का प्रावधान है और साथ ही नई आधिकारिक डिजिटल करेंसी भी लॉन्‍च करने के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का प्रावधान है. लेकिन सरकार अभी इस बिल को लेकर विभिन्‍न हितधारकों से चर्चा कर रही है. इस‍ीलिए बजट सत्र में इस बिल को नहीं पेश किया जा सका.बिल को पेश करने से पहले एक लंबी प्रक्रिया के तहत विस्‍तार से हर आयाम पर विचार किया जा रहा है. एक्‍सपर्ट पैनल की रिपोर्ट के बाद अंतर-मंत्रालयी चर्चा, कैबिनेट सचिव की बैठक और संबंधित लोगों की रिपोर्ट सबमिशन भी शामिल है.

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भारत में 10 हजार करोड़ निवेश

दुनियाभर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से मोटी कमाई को देखते हुए भारत में भी इसमें निवेशक तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करन वाले निवेशकों की संख्या एक करोड़ के करीब पहुंच गई है. अनुमान के मुताबिक भारत में विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी में 10 हजार करोड़ रुपये (1.36 अरब डॉलर) निवेश हो चुका है.

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की वर्चुअल करेंसी होती है. जो कंप्यूटर एल्गोरिद्म पर बनी होती है. इसे आईडी और पावसर्ड के जरिये संचालित किया जाता है. इसका कोई नियामक नहीं है.बिटक्वाइन के अलावा दुनिया में कई अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी मौजूद हैं जैसे- रेड क्वाइन, सिया क्वाइन, वॉइस क्वाइन, डाॅगक्वाॅइन, सिबा इनू, सिस्क्वाइन और मोनरो आदि. दुनिया के ज्यादातर देशों में इसकी मंजूरी नहीं है. बता दें कि रिजर्व बैंक ने 2018 में सभी बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेड पर रोक का आदेश जारी किया था. बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में रिजर्व बैंक के फैसले को पलट दिया. रिजर्व बैंक के आदेश के खिलाफ क्रिप्टो एंटरप्रेन्योर और इंटरनेट इंडस्ट्री असोसिएशन IAMAI ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

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