16 दिन में किसानों की जेब में पहुंचे 8,033 करोड़ रुपये, केंद्र ने एमएसपी पर खरीदा 43 लाख टन धान

एमएसपी पर हो रही है धान की खरीद.
एमएसपी पर हो रही है धान की खरीद.

केंद्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि पंजाब और हरियाणा में फसल मंडियों में जल्‍दी पहुंचने के कारण 26 सितंबर 2020 से ही न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) पर धान की खरीद (Paddy Procurement) शुरू की जा चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2020, 6:28 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 16 दिन के भीतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करीब 43 लाख टन धान की खरीद (Paddy Procurement) की है. इससे 3.57 लाख किसानों (Farmers) को 8,033 करोड़ रुपये मिले. खाद्य मंत्रालय (Ministry of Food) ने बताया कि मंडियों में फसल के जल्दी पहुंचने के कारण 26 सितंबर 2020 से पंजाब और हरियाणा (Punjab & Haryana) में धान की खरीद शुरू हो चुकी है. बाकी राज्यों में एमएसपी पर धान की खरीद 1 अक्टूबर 2020 से शुरू हुई. देश की 80 फीसदी से ज्‍यादा धान की फसल खरीफ मौसम (Kharif Season) में उगाई जाती है.

सामान्‍य और ए-ग्रेड के धान के लिए एमएसपी अलग
खाद्य मंत्रालय ने कहा कि राज्यों में वर्ष 2020-21 के खरीफ विपणन सत्र में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर धान की खरीद चल रही है. मंत्रालय के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2020 तक करीब 42.55 लाख टन धान की खरीद एमएसपी पर की जा चुकी है. ये धान 3.57 लाख किसानों से खरीदा गया और इसके एवज में उन्‍हें 8,032.62 करोड़ रुपये मिले. केंद्र ने चालू वर्ष के लिए सामान्‍य ग्रेड के धान का एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि ए-ग्रेड के लिए न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य 1,888 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. बता दें कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्यों की एजेंसियों (State Agencies) के जरिये सरकार एमएसपी पर धान की खरीद की जाती है.

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एमएसपी पर खरीदी गई हैं कपास की 24,863 गांठ


कपास के मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय कपास निगम (CCI) ने 11 अक्टूबर तक एमएसपी पर 5,252 किसानों से 7,545 लाख रुपये में 24,863 गांठ की खरीद की. इसके अलावा नोडल एजेंसियों के जरिये सरकार मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत एमएसपी पर दालों और तिलहन की खरीद कर रही है, जो बाजार भाव के समर्थन मूल्य से नीचे आने पर लागू होता है. हरियाणा, तमिलनाडु, और महाराष्ट्र में 11 अक्टूबर तक 533 किसानों से 4.36 करोड़ रुपये की करीब 606.56 टन मूंग की खरीदारी एमएसपी पर की गई थी.

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52 हजार करोड़ से ज्‍यादा की नारियल खरीदी गई
कर्नाटक और तमिलनाडु में 3,961 किसानों से एमएसपी पर 52,040 करोड़ रुपये में 5,089 टन नारियल गरी खरीदी गई. नारियल गरी और उड़द की मौजूदा कीमत या तो एमएसपी के बराबर हैं या ऊपर चल रही हैं. संबंधित राज्य सरकारें मूंग के संबंध में खरीद शुरू करने की व्यवस्था कर रही हैं. केंद्र ने तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा व उत्तर प्रदेश से पीएसएस के तहत इस वर्ष 30.70 लाख टन खरीफ दलहन और तिलहनो की खरीद के लिए मंजूरी दी है. केंद्र ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल से 1.23 टन नारियल गरी खरीद को भी मंजूरी दी है. खाद्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य राज्यों के लिए पीएसएस मानदंडों के अनुसार खरीद के लिए प्रस्ताव मिलने पर मंजूरी दी जाएगी.
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