HDFC Bank के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए जारी किए नियम और शर्तें, इन डॉक्‍युमेंट्स की होगी जरूरत

HDFC Bank ने रिटेल लोन ग्राहकों के लिए वन टाइम लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के नियम व शर्तें जारी कर दी हैं.
HDFC Bank ने रिटेल लोन ग्राहकों के लिए वन टाइम लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के नियम व शर्तें जारी कर दी हैं.

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने रिटल लोन ग्राहकों के लिए वन टाइम लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग (Loan Restructuring) के नियम और शर्तें जारी कर दी हैं. इसके तहत उन ग्राहकों को फायदा मिलेगा, जिनकी आय पर कोरोना संकट (Coronavirus Crisis) का बुरा असर पड़ा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 7:40 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग (Loan Restructuring) के नियम और शर्तें स्‍पष्‍ट कर दिए हैं. इसके लिए बैंक ने अपनी वेबसाइट पर ग्राहकों की ओर से सबसे ज्‍यादा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब (FAQ) दिए हैं. इन सवालों और जवाबों में बैंक ने स्‍पष्‍ट किया है कि किन ग्राहकों को वन टाइम लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग की सुविधा मिलेगा. साथ ही उन्‍हें इसके लिए कौन-कौन से दस्‍तावेज पेश करने होंगे.

RBI के दिशानिर्देशों के तहत खुद नियम व शर्तें बना रहे हैं बैंक
देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन लगा दिया गया था. इस दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के निर्देश के बाद बैंकों की ओर से कर्जदारों के लिए लोन मोरेटोरियम सुविधा (Loan Moratorium) शुरू की गई थी. इसके तहत कर्जदारों को दो बार में छह महीने के लिए ईएमआई जमा करने से छूट दे दी गई थी. ये छूट 31 अगस्त 2020 को खत्‍म हो चुकी है. अब आरबीआई के नए दिशानिर्देशों (Guidelines) के बाद बैंक खुद नियम और शर्तें तय कर कर्जदारों को लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग (Loan Restructuring) की पेशकश कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- खेती-किसानी से जुड़ी कंपनियों के लिए बड़ी खबर! नए कंपनीज एक्ट को संसद से मिली मंजूरी, अब होंगे ये बदलाव
एचडीएफसी बैंक इन रिटेल लोन ग्राहकों को दे रहा है ये सुविधा


आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक, वन टाइम रिस्‍ट्रक्‍चर किए गए लोन को ग्राहक की क्रेडिट रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा. बता दें कि बैंक लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग पर ग्राहकों से शुल्‍क भी वसूल सकते हैं. एचडीएफसी बैंक ने स्‍पष्‍ट किया है कि रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए क्रेडिट कार्ड का बकाया या लोन अमाउंट कम से कम 25,000 रुपये होना चाहिए. एचडीएफसी बैंक के नियम होम व ऑटो लोन, एग्रीकल्‍चर लोन और क्रेडिट कार्ड का बकाया जैसे रिटेल लोन के रिस्‍ट्रक्‍चरिंग पर लागू होते हैं. लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग ऐसे अकांउट की ही की जाएगी, जिन्‍होंने रिपेमेंट में 1 मार्च 2020 तक कभी भी 30 दिन से ज्‍यादा का डिफॉल्‍ट ना किया हो.

ये भी पढ़ें- इनकम टैक्स से जुडे़ बिल को संसद से मिली मंजूरी, आपको होंगे ये फायदे

कोरोना संकट में आय पर असर पड़ा तो ही होगा लोन रिस्‍ट्रक्‍चर
एचडीएफसी बैंक ने एफएक्‍यू के जरिये स्‍पष्‍ट किया है कि जिन ग्राहकों की आय कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित हुई है, उनका लोन रिस्‍ट्रक्‍चर होगा. ग्राहक को आय पर पड़े असर के लिए जरूरी दस्‍तावेज मुहैया कराने होंगे. इसके बाद बैंक रिस्‍ट्रक्‍चरिंग से पहले उपलब्‍ध कराए गए दस्‍तावेजों के आधार पर ये देखेगा कि ग्राहक रिस्‍ट्रक्‍चर्ड ईएमआई का भुगतान कर सकता है या नहीं. इस दौरान ग्राहक के रिपेमेंट रिकॉर्ड की समीक्षा भी की जाएगी. ग्राहक को लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए एप्‍लीकेशन फॉर्म और अपना ब्‍योरा पेश करने के लिए बैंक की वेबसाइट पर दिए लिंक को क्लिक करना होगा. इस लिंक को बैंक जल्‍द ही अपडेट कर देगा.

ये भी पढ़ें- IBC संशोधन विधेयक लोकसभा में भी हुआ पास, अब कंपनी के साथ गारंटर पर भी हो सकेगी दिवाला कार्रवाई

लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए ये सभी दस्‍तावेज कराने होंगे उपलब्‍ध
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने बताया कि ग्राहक ईएमआई बोझ को कम करने के लिए रिपेंट अवधि को एक बार में ज्‍यादा से ज्‍यादा 24 महीने तक के लिए बढ़ा सकते हैं. लोन रिस्‍ट्रक्‍चरिंग के लिए ग्राहक को अपने रोजगार या व्यवसाय की मौजूदा स्थिति की स्‍पष्‍ट जानकारी देने वाले डॉक्‍युमेंट्स पेश करने होंगे. इसके तहत वेतनभोगी ग्राहक सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट दे सकते हैं. वहीं, बिजनेस करने वाले ग्राहकों को बैंक स्टेटमेंट, जीएसटी रिटर्न, इनकम टैक्‍स रिटर्न, उद्योग प्रमाण पत्र देना होगा. बता दें कि एक से ज्‍यादा लोन लेने वाले ग्राहक हर लोन के लिए अलग या एक ही एप्‍लीकेशन दे सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज