छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खबर! केंद्र सरकार ने MSMEs को दी राहत, कॉरपोरेट समूह को कहा जल्‍द करें बकाया भुगतान

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खबर! केंद्र सरकार ने MSMEs को दी राहत, कॉरपोरेट समूह को कहा जल्‍द करें बकाया भुगतान
केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट ग्रुप्‍स को छोटी और मझोली कंपनियों का बकाया भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने का आदेश दिया है.

एमएसएमई मंत्रालय (Ministry of MSMEs) ने टॉप-500 कंपनियों (Top 500 Corporate Groups) से कहा है कि वे छोटी और मझोली कंपनियों (S&M Enterprises) का बकाया भुगतान जल्‍द से जल्‍द करें. मंत्रालय ने कहा कि इस रकम से उनके कामकाज में रुकावट नहीं आएगी और इस सेक्‍टर में लोगों की नौकरियां सुरक्षित रहेंगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 4:49 PM IST
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नई दिल्‍ली. माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज मंत्रालय (Ministry of MSMEs) ने छोटी और मझोली कंपनियों को राहत देते हुए कॉरपोरेट समूहों (Corporate Groups) को निर्देश दिया है कि वे प्रथामिकता के आधार पर उनका बकाया भुगतान (Pending Dues Payments) करें. मंत्रालय ने कहा कि ये भुगतान एमएसएमई के कामकाज (Operations) की रुकावटों को दूर करने और इस सेक्‍टर में नौकरियों के सृजन के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है. मंत्रालय ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर देश के टॉप-500 कॉरपोरेट समूहों से बात की गई है. साथ ही इनके सीएमडी या टॉप एग्‍जीक्‍यूटिव्‍स को ई-लेटर्स लिखे गए हैं.

मंत्रालय ने कहा, सेक्‍टर से जुड़े लाखों के चेहरों पर लौटेगी मुस्‍कराहट
मंत्रालय ने कहा कि बकाया भुगतान होने से एमएसएमई सेक्‍टर पर निर्भर लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्‍कराहट आएगी. उनका और उनके परिवार का जीवन इसी सेक्‍टर से होने वाली आय से चलता है. मंत्रालय ने संकेत दिया है कि टॉप-500 कॉरपोरेट ग्रुप्‍स (Top 500 Corporate Groups) के अलावा इस मुद्दे पर सोशल मीडिया (Social Media) के जरिये दूसरी कंपनियों के साथ भी बात की जाएगी. आत्‍मनिर्भर पैकेज (Aatma Nirbhar Package) की घोषणा के समय ये अपेक्षा की गई थी कि 45 दिन के भीतर एमएसएमई के सभी बकाया भुगतान कर दिए जाएंगे ताकि उससे जुड़े लाखों लोगों की नौकरियों पर संकट को टाला जा सके.

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मंत्रालयों और CPSEs ने कर दिया है 10,000 करोड़ का भुगतान


मंत्रालय ने बताया कि विभिन्‍न मंत्रालयों (Ministries) और सेंट्रल पब्लिक सेक्‍टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) की ओर से एमएसएमई को 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है. अब मंत्रालय प्राइवेट सेक्‍टर एंटरप्राइजेज (Private Sector Enterprises) पर एमएसएमई के बकाया का प्राथमिकता के आधार पर भुगतान करने का दबाव बना रहा है. मंत्रालय ने कॉरपोरेट्स से ट्रेड रिसीवेबल्‍स डिस्‍काउंटिंग सिस्‍टम (TReDS) में शामिल होने और लेनदेन शुरू करने को भी कहा है.

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TReDS Platform में शामिल होना कर दिया है अनिवार्य
एमएसएमई मंत्रालय ने 2018 में 500 करोड़ रुपये से ज्‍यादा टर्नओवर वाली सभी सेंट्रल पब्लिक सेक्‍टर एंटरप्राइजेज और कॉरपोरेट एंटिटीज के लिए TReDS Platform में शामिल होना अनिवार्य (Mandatory) कर दिया था. मंत्रालय ने कहा, 'कॉरपोरेट ग्रुप्‍स को ये भी दिला दिया गया है कि उनके लिए कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ एमएसएमई के बकाया को लेकर छमाही रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर किसी कॉरपोरेट ग्रुप ने अब तक ऐसा नहीं किया है तो वे तत्‍काल रिटर्न फाइल कर दें.'
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