रेलवे का बड़ा फैसला- जल्द खत्म होगा खलासी सिस्टम, अब नहीं होगी नई नियुक्ति

रेलवे का बड़ा फैसला- जल्द खत्म होगा खलासी सिस्टम, अब नहीं होगी नई नियुक्ति
खत्म होगा खलासी सिस्टम

रेलवे (Indian Railways) ने अंग्रेजों की समय से चली आ रहे खलासी सिस्टम को बंद करने का फैसला किया है. अब इसको लेकर कोई नई नियुक्ति नहीं होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे (Indian Railway) जल्द अंग्रेजों के समय से चली आ रहे खलासी सिस्टम (Telephone attendant-cum-dak khalasis -TADKs) को बंद करने जा रही है. साथ ही, बंगलो पीयोन (Railway Ban glow Peon) की नियुक्ति भी अब नहीं होगी. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बंगलो पीयोन, रेलवे अधिकारियों के घर पर काम करते है. रेलवे बोर्ड ने इनकी नई नियुक्ति पर रोक लगा दी है. रेलवे बोर्ड ने इससे जुड़ा आदेश 6 अगस्त को जारी कर दिया है. आपको बता दें कि रेलवे में अभी भी कई व्यवस्था अंग्रेजों के जमाने की है. रेलवे के अधिकतर अधिकारी जब तक नौकरी करते हैं, बंगलो पीयोन की सुविधा लेते हैं. ये अधिकारी अपनी मर्जी के व्यक्ति को बंगलो पीयोन के नाम पर रेलवे में नौकरी पर लगवा देते हैं. दो तीन साल वह साहब के बंगले पर रहता है, फिर वह मनमर्जी के जगह पोस्टिंग पा जाता है और साहब के पास नया बंगलो पीयोन आ जाता है.

क्या है रेलवे बोर्ड का नया आदेश- रेलवे बोर्ड टेलीफोन एटेंडेंट कम डाक खलासी (Telephone attendant-cum-dak khalasis -TADKs) के पद को लेकर भी समीक्षा कर रहा है. पीटीआई के मुताबिक, डाक खलासी की नियुक्ति के बारे में मुद्दा रेलवे बोर्ड में समीक्षा के अधीन है इसलिए, यह फैसला लिया गया है कि डाक खलासी के रूप में नई नियुक्ति नहीं होगी.

आदेश में आगे कहा गया है कि, 1 जुलाई 2020 से ऐसी नियुक्तियों के लिए अनुमोदित सभी मामलों की समीक्षा की जा सकती है और बोर्ड को सलाह दी जा सकती है. सभी रेलवे प्रतिष्ठानों में इसका कड़ाई से अनुपालन किया जा सकता है.



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आपको बता दें कि रेलवे के में डाक मैसेंजर होते हैं. यही नहीं, रेलवे के तमाम कोलकाता, मुंबई, सिकंदराबाद, चेन्नई, हुबली आदि में स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों से भी ये मैसेंजर नियमित रूप से संदेश लेकर आते जाते रहते हैं. कहने को यह सब काम फोन, फैक्स या ई मेल के जरिये हो सकता है, लेकिन तब भी इस व्यवस्था पर हर साल करोड़ों रुपये स्वाहा होते हैं.
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