कंगाल पाकिस्तान की उम्मीदों को लगा झटका, UAE और Saudi के बाद इस देश ने मोड़ा मुंह

कंगाल पाकिस्तान की उम्मीदों को लगा झटका, UAE और Saudi के बाद इस देश ने मोड़ा मुंह
कतर ने पाकिस्तान के 3 एयरपोर्ट में निवेश से मना किया

यूएई (UAE) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बाद अब कतर ने पाकिस्तान के तीन एयरपोर्ट्स में निवेश करने से मना कर दिया है. कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों में निवेश करने से इनकार किया है.

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इस्लामाबाद. आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां का सामना कर रहे पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है. यूएई (UAE) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बाद अब कतर ने पाकिस्तान के तीन एयरपोर्ट्स में निवेश करने से मना कर दिया है. कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों में निवेश करने से इनकार किया है. QIA ने यह कदम मुख्य रूप से पाकिस्तान में संबंधित अधिकारियों द्वारा 2017 के मॉडल से विचलन के कारण उठाया है जिसके तहत वे हवाई अड्डे के संचालन को प्रोफेशनल मैनेजमेंट को सौंपना नहीं चाहते हैं. अब पाकिस्तान में अधिकारी पार्किंग सेवाओं, टक शॉप की सेवाओं, रेस्तरां सेवाओं जैसी व्यक्तिगत सेवाओं को आउटसोर्स करने की इच्छा रखते हैं, ताकि वे परिचालन नियंत्रण बनाए रख सकें.

क्या है मामला?
द न्यूज डॉट कॉम पीके की रिपोर्ट के मुताबिक, कतर पाकिस्तान की सरकार से तीन हवाई अड्डों इस्लामाबाद एयरपोर्ट (Islamabad Airport), जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jinnah International Airport) और अलामा इकबाल एयरपोर्ट (Allama Iqbal Airport) का मालिकाना हक चाहता है. इसके लिए कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने पाकिस्तान की सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी में 40 फीसदी तक की हिस्सेदारी खरीदने में भी दिलचस्पी दिखाई थी. हालांकि, सरकार के एयरपोर्ट की व्यावसायिक गतिविधियों को आउटसोर्स कराने के प्रस्ताव के बाद से कतर ने निवेश से मुंह मोड़ लिया है.

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कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी के नाम पर तीनों हवाई अड्डों के स्वामित्व को हस्तांतरित करने और उस कंपनी में 35-40 प्रतिशत रणनीतिक दांव खरीदने के लिए जीओपी इच्छा जताई थी.



बता दें कि पिछले साल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कतर का दौरा किया था. इस दौरे में Qatari Ameer ने पाकिस्तान के बड़े हवाई अड्डों में निवेश करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उसके बाद इस दिशा में काम आगे नहीं बढ़ सका और उस समय इस्लामाबाद के वाणिज्यिक रियायत हवाई अड्डे को आउटसोर्सिंग के लिए पेश किया गया था. हालांकि, कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने एविएशन डिवीजन के नए प्लान में दिलचस्पी नहीं दिखाई.

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