खुशखबरी! जून में घटी बेरोजगारी दर, गांवों के लोगों को मिला शहर से ज्यादा रोजगार

खुशखबरी! जून में घटी बेरोजगारी दर, गांवों के लोगों को मिला शहर से ज्यादा रोजगार
खुशखबरी! जून में घटी बेरोजगारी दर, गांवों के लोगों को मिला शहर से ज्यादा रोजगार

कोरोना की वजह से लॉकडाउन के कारण काफी लोगों की नौकरी चली गई थी, जिसके कारण देश में बेरोजगारी बढ़ गयी थी. लेकिन अब फिर देश में बेरोजगारी की दर (Unemployment Rate) घटकर लॉकडाउन से पहले के स्तर पर आ गई है.

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नई दिल्ली. कोरोना की वजह से लॉकडाउन के कारण काफी लोगों की नौकरी चली गई थी, जिसके कारण देश में बेरोजगारी बढ़ गयी थी. लेकिन अब फिर देश में बेरोजगारी की दर (Unemployment Rate) घटकर लॉकडाउन से पहले के स्तर पर आ गई है. 21 जून को समाप्त हुए हफ्ते में देश में बेरोजगारी की दर 8.5 फीसदी थी. बता दें कि अप्रैल और मई में देश में बेरोजगारी की दर 23.5 फीसदी पहुंच गई थी.

ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर में भारी कमी आई
शहरी इलाकों में बेरोजगारी की दर अब भी लॉकडाउन से पहले के स्तर से ऊंची बनी हुई है जबकि ग्रामीण इलाकों में इसमें भारी कमी आई है. सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने मंगलवार को अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा कि मनरेगा और खरीफ की बुआई के कारण ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार मिलने लगा है.

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शहरों में बेरोजगारी दर 11.2 फीसदी


मार्च में बेरोजगारी दर 8.75 फीसदी थी और 3 मई को खत्म हुए सप्ताह में यह 27.1 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इसके बाद इसमें गिरावट आनी शुरू हुई. जून के पहले तीन हफ्तों में बेरोजगारी दर 17.5 फीसदी, 11.6 फीसदी और 8.5 फीसदी रही.

खरीफ की बुआई में काफी तेजी देखने को मिली
रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन में छूट से बेरोजगारी कम करने में मदद मिली. ग्रामीण क्षेत्रों को मनरेगा के तहत होने वाले काम और खरीफ की बुआई से ज्यादा फायदा मिला. इस साल खरीफ की बुआई में काफी तेजी देखने को मिली है.

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मनरेगा के तहत बढ़ा काम
सीएमआईई के मुताबिक मई में मनरेगा के तहत मानव कार्यदिवसों की संख्या बढ़कर 56.5 करोड़ रही जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 53 फीसदी अधिक है. साथ ही यह 2019-20 के मासिक औसत से 2.55 गुना अधिक है.
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