अर्थव्यवस्था के लिए आई अच्छी खबर-मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में 8 साल की सबसे बड़ी तेजी

मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में 8 साल की सबसे बड़ी तेजी, सितंबर में PMI बढ़कर 56.8 हुआ
मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में 8 साल की सबसे बड़ी तेजी, सितंबर में PMI बढ़कर 56.8 हुआ

India's Purchasing Managers Index PMI for manufacturing- आईएचएस मार्किट के मुताबिक, सितंबर महीने में पीएमआई इंडेक्स 56.8 फीसदी रहा है, जबकि अगस्त में यह इंडेक्स 52 था. बीते करीब साढ़े आठ सालों में पीएमआई इंडेक्स में यह सबसे बड़ी ग्रोथ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 1:46 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को लेकर अच्छी खबर आई है. देश के मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों (Manufectring Activity) में फिर से तेजी लौटी है. आंकड़ों के मुताबिक इसमें 8 साल के सबसे बड़ी तेजी दर्ज हुई है. आईएचएस मार्किट (IHS Markit) के मुताबिक, सितंबर महीने में पीएमआई इंडेक्स 56.8 फीसदी (India's PMI Manufacturing Index) रहा है, जबकि अगस्त में यह इंडेक्स 52 था. बीते करीब साढ़े आठ सालों में पीएमआई इंडेक्स में यह सबसे बड़ी ग्रोथ है. आईएचएस मार्किट के मुताबिक, जनवरी 2012 के पीएमआई इंडेक्स 56.8 पर पहुंचा है.

पीएमआई में आई इस ग्रोथ के मायने क्या है- पीएमआई इकोनॉमी के बारे पुष्‍ट जानकारी को आधिकारिक आंकड़ों से भी पहले उपलब्‍ध कराता है. इससे अर्थव्‍यवस्‍था के बारे में सटीक संकेत पहले ही मिल जाते हैं. पीएमआई 5 प्रमुख कारकों पर आधारित होता है. इसमें नए ऑर्डर, इन्‍वेंटरी स्‍तर, प्रोडक्‍शन, सप्‍लाई डिलिवरी और रोजगार वातावरण शामिल हैं.

मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में 8 साल की सबसे बड़ी तेजी-पीएमआई सर्वे के मुताबिक, बीते 6 महीने में पहली बार तैयार सामान की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी इनपुट लागत ज्यादा होने के कारण हुई है. सर्वे में कहा गया है कि एक तिहाई मैन्युफैक्चरर अगले 12 महीनों तक ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं. वहीं, 8 फीसदी ने गिरावट की उम्मीद जताई है.



क्यों आई पीएमआई में जबरदस्त ग्रोथ- बाजार में मांग सुधरने से सितंबर में मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी 8 साल के टॉप पर पहुंच गई है.आईएचएस मार्किट में प्रधान अर्थशास्त्री पॉलियाना डे लीमा का कहना है कि लगातार 6 महीने तक गिरावट के बाद एक्सपोर्ट के नए ऑर्डर मिलने लगे हैं.
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इसीलिए सितंबर के पीएमआई डाटा से खरीदारी दर बढ़ने और कारोबारी विश्वास के मजबूत होने के इनपुट मिले हैं. हालांकि, ऑर्डर बुक वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ के बावजूद भारतीय कारोबारी पे-रोल संख्या में कमी लाने पर विचार कर रहे हैं. कई मामलों में सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइंस के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में कमी लाई जा रही है.
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