गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर- बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार उठाएगी बड़ा कदम

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चीनी मिलों की नकदी लेनदेन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शुगर बफर स्टॉक सब्सिडी योजना का विस्तार अगले साल तक करने के लिए कैबिनेट नोट जारी करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 4:10 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय खाद्य मंत्रालय (Food Ministry) जल्द चीनी बफर स्टॉक सब्सिडी योजना का विस्तार अगले साल तक करने के लिए कैबिनेट नोट जारी करेगा. खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय (Food Secretary) ने यह जानकारी दी. इस योजना के तहत चीनी का 40 लाख टन का बफर स्टॉक बनाया गया है. यह योजना 31 जुलाई को समाप्त हो गई है.सरकार का अनुमान है कि मौजूदा 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) के सत्र में चीनी उत्पादन 18 प्रतिशत घटकर 2.73 करोड़ टन रह जाएगा. प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ना उत्पादन कम रहने की वजह से चीनी उत्पादन घटेगा.

किसानों को मिलेगी मदद-सरकार ने बफर स्टॉक रखने वाली भागीदार चीनी मिलों की स्टॉक को बनाये रखने की 1,674 करोड़ रुपये की लागत की भरपाई की है. चीनी मिलों की नकदी लेनदेन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए यह योजना अगस्त, 2018 में शुरू की गई थी.

इससे चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया चुकाने में मदद मिली. साथ ही इससे चीनी की कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद मिली.

पांडेय ने कहा, नीति आयोग के तहत एक कार्यबल ने चीनी पर बफर स्टॉक सब्सिडी समाप्त करने की सिफारिश की है. इस बारे में निर्णय मंत्रिमंडल करेगा. मंत्रालय इस पर कैबिनेट नोट जारी करेगा.''

उन्होंने बताया कि नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है और 10-12 सिफारिशें की हैं. इनमें से एक सिफारिश बफर स्टॉक योजना को समाप्त करने के बारे में है. उन्होंने कहा कि इस योजना को समाप्त किया जाए या विस्तार किया जाए, इसका फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल को करना है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मिलों को दिया जाने वाला रखरखाव शुल्क सरकारी खजाने पर अतिरिक्त खर्च है. क्योंकि इस स्टॉक को अगले वर्ष में बाजार में पुन: बेच दिया जाता है.

ऐसे में मौजूदा स्वरूप में इस योजना को जारी रखना उचित नहीं है.इस बीच, चीनी सहकारिता निकाय नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेरिटव शुगर फैक्ट्रीज ने इस योजना का विस्तार करने की मांग की है ताकि मिलों को सरकार की ओर से राहत मिलती रहे.
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