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40 लाख दिल्लीवालों को घर के पक्के कागजात दिलाने वाला बिल लोकसभा में पेश

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 10:40 AM IST
40 लाख दिल्लीवालों को घर के पक्के कागजात दिलाने वाला बिल लोकसभा में पेश
दिल्ली की अवैध कॉलोनियों का मालिकाना हक दिलाने वाला बिल लोकसभा में पेश हो गया है.

दिल्ली (अनधिकृत कालोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) विधेयक, 2019 (दिल्ली की अवैध कॉलोनियों का मालिकाना हक दिलाने वाला बिल (Recognition of Property Rights of Residents in Unauthorised Colonies) लोकसभा में पेश हो गया है.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 10:40 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की अवैध कालोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक दिलाने (Regulations of Delhi's Unauthorized Colonies) से जुड़े कानून के लिए केंद्र सरकार ने लोकसभा में इससे जुड़ा बिल पेश कर दिया है.  दिल्ली (अनधिकृत कालोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) विधेयक, 2019 (दिल्ली की अवैध कॉलोनियों का मालिकाना हक दिलाने वाला बिल (Recognition of Property Rights of Residents in Unauthorised Colonies) लोकसभा में पेश करते हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, बिल में 1797 कालोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने का प्रस्ताव है. ये कालोनियां 175 वर्ग किलोमीटर में फैली हैं.

आपको बता दें कि अक्टूबर महीने में मोदी सरकार ने दिल्ली की 1797 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला लिया था. दिल्ली की इन अवैध कॉलोनियों में करीब 40 लाख लोग रहते हैं.

इससे क्या होगा-इस बिल का उद्देश्य जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी, वसीयत, बेचने, खरीदने और कब्जे संबंधी दस्तावेजों को मान्यता देना है. इसके तहत इनके निवासियों को एक बार में इन सभी मामलों में छूट मिलेगी. इसके अलावा बिल अंतिम लेनदेन पर पंजीकरण शुल्क और स्टांप शुल्क की भी सुविधा देगा और सर्किल रेट से कम शुल्क के कारण आयकर देनदारी के मुद्दे को भी संबोधित करेगा.

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>> प्रॉपर्टी के मालिकों को मालिकाना हक पाने के लिए इस पोर्टल पर अप्लाई करना होगा. फिर दिल्ली सरकार के तहत घर की रजिस्ट्री होगी. इसी के बाद डीडीए लोकल एरिया को विकसित करने का प्लान तैयार करेगी.

>> अवैध कॉलोनी चाहे वो सरकारी जमीन पर हो या निजी जमीन पर सभी को मालिकाना हक मिलेगा. साथ ही इस घर के एवज में लोगों को लोन भी मिल सकेगा.

>> सरकार इन कॉलोनियों को वैध कॉलोनी करार देते हुए वहां सारी बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल की व्यवस्था करेगी.
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मालिकाना हक के लिए चुकानी होगी कीमत- विधेयक के तहत कालोनी के मालिकाना हक के लिए आवेदक को कार्पेट एरिया/भूखंड के आकार के हिसाब से मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा.

>> इसमें सरकारी भूमि पर बनी कालोनियों के लिए 100 वर्ग मीटर से कम के लिए सर्किल रेट का 0.5 फीसदी शुल्क वसूला जाएगा.

>> वहीं 100-250 वर्ग मीटर के लिए एक फीसदी और 250 वर्गमीटर से अधिक के लिए 2.5 फीसदी शुल्क चुकाना होगा. वहीं निजी भूमि पर बनी कालोनियों के लिए यह शुल्क सरकारी भूमि का ठीक आधा हो जाएगा.

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First published: November 27, 2019, 9:49 AM IST
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