बड़ा सवाल! बर्ड फ्लू के बीच पॉल्ट्री मांस और अंडा खाना सुरक्षित है या नहीं? FSSAI ने जारी की गाइडलाइंस

फूड सेफ्टी अथॉरिटी का कहना है कि बर्ड फ्लू के बीच चिकन और अंडों को अच्‍छी तरह से पकाना जरूरी है.

फूड सेफ्टी अथॉरिटी का कहना है कि बर्ड फ्लू के बीच चिकन और अंडों को अच्‍छी तरह से पकाना जरूरी है.

फूड सेफ्टी एंड स्‍टैंडडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कहा है कि 70 डिग्री सेल्सियस पर 3 सेकेंड में ही यह बर्ड फ्लू (Bird Flu) का वायरस दम तोड़ देता है. ऐसे में अगर मांस और अंडों को 74 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाया जाए तो यह वायरस मर जाता है. इस क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरी है कि लोग सही तरीके से इन उत्पादों को हैंडल करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 6:12 PM IST
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नई दिल्ली. देश-दुनिया में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के बीच लोगों में इस बात को लेकर ऊहापोह की स्थिति है कि पॉल्ट्री मांस (Poultry Meat) खासकर चिकन और अंडा (Poultry Eggs) खाना सेफ है या नहीं. इसको लेकर कई प्रकार की अधूरी जानकारियां और भ्रम फैल रहा है. ऐसे में इन उत्पादों की ना सिर्फ मांग में तेजी से गिरावट आई है, बल्कि इनके दाम भी धड़ाम हुए हैं. इस कारण क्षेत्र से जुड़े तमाम स्टेकहॉल्डर्स को भी बड़ा झटका लग रहा है. इन परिस्थितियों के मद्देनजर फूड सेफ्टी एंड स्‍टैंडडर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है, ताकि फूड बिजनेस ऑपरेटरों और उपभोक्ताओं के बीच सही जानकारी पहुंचाई जा सके.

बर्ड फ्लू महामारी संकट के बीच क्या करें और क्या नहीं 

फूड सेफ्टी अथॉरिटी ने कहा है कि 70 डिग्री सेल्सियस पर 3 सेकेंड में ही यह वायरस दम तोड़ देता है. अगर मांस सभी भागों और अंडों को 74 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाया जाए तो यह वायरस मर जाता है. लिहाजा इस क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरी है कि लोग सही तरीके से इन उत्पादों को हैंडल करें. एफएसएसएआई ने कारोबारियों और उपभोक्ताओं को अपने दिशानिर्देश में क्या करें और क्या नहीं करें की पूरी जानकारी दी है.

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क्या करे और क्या नहीं करे

>> अंडों को अधपका नहीं खाएं

>> चिकन जब पक रहा हो तो बीच में इसे नहीं खाएं



>> इंफेक्टेड (Infected) इलाकों में पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें

>> मरे हुए पक्षियों को नंगे हाथ (Barred Hand) से नहीं छुएं

>> कच्चे मांस को खाली स्थान पर नहीं रखें

>> कच्चे मांस के साथ सीधे संपर्क में आने से बचें

>> कच्चे चिकन को हैंडल करने के दौरान मास्क और गल्व्स का इस्तेमाल करें

>> बार-बार हाथ धोते रहें

>> आस-पास के स्थानों को साफ-सुथरा रखें

>> सिर्फ अच्छे और पूरी तरह से पके चिकन व अंडों को खाएं

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इन बातों का भी रखे खास ख्याल

FSSAI ने कहा है कि मांस और अंडों को सही तरीके से पकाने पर मौजूद वायरस निष्क्रीय (Inactive) हो जाते हैं. प्रभावित इलाकों के इन उत्पादों को कच्चा या अधपका नहीं खाया जाना चाहिए. अब तक ऐसा कोई सबूत या मामला सामने नहीं आया है, जिससे यह पता चले कि सही तरीके से पकाए गए मांस और अंडों को खाने से बर्ड फ्लू फैलता (Transmit) है. यहां तक कि अगर ये उत्पाद बर्ड फ्लू इंफ्लूएंजा से प्रभावित इलाके से भी बाजारों और रसोई तक आ रहे हों, तब भी नहीं फैलता है.

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WHO का भी यह है कहना

मांस और अंडों के उपभोग को लेकर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने भी कहा है कि पॉल्ट्री मीट और अंडे पुरी तरह सुरक्षित हैं. डब्ल्यूएचओ की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, महामारी विज्ञान से संबंधित अब तक कोई ऐसा आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, जिससे साबित हो कि अच्छे तरीके से पकाए गए मांस और अंडों के इस्तेमाल से मानव शरीर में यह वायरस फैलता है.
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