रियल एस्टेट कारोबार पर जोर देगी बिड़ला ग्रुप की यह कंपनी, FY22 में 1000 करोड़ रुपये के पूंजी खर्च करने की योजना

प्रतीकात्मक तस्वीर

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सेंचुरी टैक्सटाइल्स एण्ड इंडस्ट्रीज (Century Textiles & Industries) अब रियल एस्टेट कारोबार पर ज्यादा ध्यान देगी.

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मुंबई. बिड़ला ग्रुप (Birla Group) की कंपनी सेंचुरी टैक्सटाइल्स एण्ड इंडस्ट्रीज (Century Textiles & Industries) अब रियल एस्टेट कारोबार पर ज्यादा ध्यान देगी. कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के दौरान रियल एस्टेट क्षेत्र में जारी मौजूदा प्रोजेक्ट्स और नई प्रोजेक्ट्स के लिए 1,000 करोड़ रुपये का पूंजी खर्च तय किया है. कंपनी की प्रोजेक्ट्स में सुपर प्रीमियम वोरली प्रोजेक्ट भी शामिल है.

सेंचुरी टैक्सटाइल्स एण्ड इंडस्ट्रीज तीन अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार करती है. कंपनी की कागज और लुग्दी, रियल्टी और पेपर टिश्यू के क्षेत्र में अलग-अलग यूनिट्स हैं. उसके कुल कारोबार में 70 फीसदी से अधिक योगदान कागज और लुग्दी व्यवसाय का होता है. बहरहाल, अब कंपनी रियल एस्टेट की तरफ अधिक ध्यान देने जा रही है.

2016 में बिड़ला एस्टेट्स नाम से रियल एस्टेट कारोबार किया था शुरू

एवी बिड़ला ग्रुप (AV Birla Group) की कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी के अन्य दो कारोबारों के मुकाबले रियल एस्टेट सेक्टर का पूंजी खर्च नौ गुणा ज्यादा है. सेंचुरी टैक्सटाइल्स ने 2016 में बिड़ला एस्टेट्स नाम से रियल एस्टेट कारोबार शुरू किया. उसके पास जमीन की अच्छी उपलब्धता है, इस लिहाज से जमीन की लागत के मामले में वह अधिक आकर्षक स्थिति में है खासकर जिन शहरों में उसका ध्यान है वहां इसका लाभ उठा सकती है. कंपनी मुंबई, उसके आसपास के इलाकों, दिल्ली एनसीआर, बेंगलूरू और पुणे में रियल्टी प्रोजेक्ट्स पर गौर कर रही है.
सेंचुरी टैक्सटाइल्स के एमडी जे सी लाढा ने कहा, ''इस वित्त वर्ष में बिड़ला एस्टेट के लिए हमने 1,000 करोड़ रुपये का पूंजी खर्च रखा है. हमारा रियल एस्टेट सेक्टर पर ज्यादा ध्यान रहेगा और अगले तीन से पांच साल में हम इस सेक्टर के टॉप पांच कंपनियों में शामिल होना चाहते हैं.''

कागज और लुग्दी कारोबार में 100 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना 

कंपनी के कुल कारोबार में 70 फीसदी से ज्यादा का योगदान रखने वाले कागज और लुग्दी कारोबार में इसके मुकाबले केवल 100 करोड़ रुपये का पूंजी खर्च रखा गया है और वह भी नियमित रूप से होने वाले टेक्नोलॉजी अपग्रेड कामों के लिए. उन्होंने कहा कि पेपर टिश्यू व्यवसाय में पर्याप्त स्थापित क्षमता मौजूद है.



ग्रुप का वित्त वर्ष 2020- 21 में कुल 2,567 करोड़ रुपये का कारोबार रहा है. इसमें से कागज और लुग्दी कारोबार का हिस्सा 70 फीसदी से अधिक, कपड़ा कारोबार का 25 फीसदी और शेष पांच फीसदी यानी करीब 125 करोड़ रुपये का कारोबार रियल्टी सेक्टर से रहा है. यह मुख्य तौर पर मुंबई स्थित संपत्ति के किराये से कंपनी को प्राप्त हुआ. सेंचुरी टैक्सटाइल्स ब्रिटिश साम्राज्य के समय 1897 में एक कपड़ा कंपनी के तौर पर स्थापित हुई थी. बिड़ला परिवार ने इसे 1951 में खरीदा. उसके बाद से कंपनी 1994 से तीन बार बड़े पुनर्गठन के दौर से गुजर चुकी है.

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