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सोने के गहनों के बाद अब पीने के पानी के लिए आएंगे बीआईएस नियम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

सोने के गहनों के बाद अब पीने के पानी के लिए आएंगे बीआईएस नियम, जानिए इसके बारे में सबकुछ

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने बताया कि राज्य सरकारें लोगों को पाइपलाइन से आपूर्ति किये जाने वाले पीने के पानी के लिये बीआईएस मानक (BIS Norms for Drinking Water) ‘अनिवार्य’ बनाने पर सहमत हो गईं हैं.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने बताया कि राज्य सरकारें लोगों को पाइपलाइन से आपूर्ति किये जाने वाले पीने के पानी के लिये बीआईएस मानक (BIS Norms for Drinking Water) ‘अनिवार्य’ बनाने पर सहमत हो गईं हैं.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने बताया कि राज्य सरकारें लोगों को पाइपलाइन से आपूर्ति किये जाने वाले पीने के पानी के लिये बीआईएस मानक (BIS Norms for Drinking Water) ‘अनिवार्य’ बनाने पर सहमत हो गईं हैं.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Government of India) पीने के पानी (Drinking water) के लिए नए नियम लाने जा रही है. उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान (Consumer Affairs Minister Ram Vilas Paswan) ने बताया कि राज्य सरकारें लोगों को पाइपलाइन से आपूर्ति किये जाने वाले पीने के पानी के लिये बीआईएस मानक (BIS Norms for Drinking Water) ‘अनिवार्य’ बनाने पर सहमत हो गईं हैं. उन्होंने कहा कि इससे लोगों को सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध हो सकेगा. इस समय, पाइप से आपूर्ति किये जाने वाले पेयजल के लिए बीआईएस मानक अपनाना स्वैच्छिक है. केंद्र इसे अनिवार्य बनाने पर विचार कर रहा है और इसके लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस संबंध में जल शक्ति मंत्रालय को लिखा है.

    BIS के पानी को लेकर मौजूदा नियम- बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) के मुताबिक, भारत में पानी की गुणवत्ता बीआईएस-10500 के तहत मापी जाती है. बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) ने ड्रिकिंग वॉटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर के मानकों के लिए नियम तय किए हैं.

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    >> इनके अनुसार पानी में टीडीएस की मात्रा 0 से 500 पीपीएम (पार्ट्स प्रति मिलियन) होनी चाहिए. साथ ही पीएच लेवल 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए. इससे ज्यादा होने पर यह नुकसानदेह है.

    >> बीआईएस के मुताबिक, पानी में कुल 82 तरह की अशुद्धियों की जांच होनी चाहिए. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पानी में 300 से 400 तरह के केमिकल्स अशुद्धियों के रूप में मौजूद हो सकते हैं. हालांकि भारत में बीआईएस मानक के मुताबिक इनकी संख्या कम बताई गई है.

    >> मार्केट में पानी का टीडीएस मापने की एक पेन-नुमा मशीन आती है. इसे डिजिटल टीडीएस मीटर कहते हैं. यह मीटर 600 से 1500 रुपये तक की आता है. हालांकि इससे सिर्फ टीडीएस का ही पता चलेगा. ऐसा ही दूसरे शहरों की पानी सप्लाई करने वाली सरकारी एजेंसी करती है.



    पीने के पानी के लिए आएंगे BIS नियम-  भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा पीने के पानी पर किए गए परीक्षणों के बीच यह प्रस्ताव सामने आया है. इस परीक्षण में पाया गया कि पाइपलाइन से आपूर्ति किये जाने वाले पानी की गुणवत्ता मुंबई में मानक के अनुरूप थी जबकि दिल्ली सहित कई राज्यों की राजधानियों में पानी की गुणवत्ता खराब थी.

    >> पासवान ने कहा, राज्य सरकारों के साथ विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि वे बीआईएस मानकों का पालन करते हैं और यहां तक ​​कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने भी कहा कि वह बीआईएस मानकों का पालन करता है.

    >> चर्चा के बाद, बीआईएस मानक अनिवार्य बनाने के बारे में एक राय बनी. दिल्ली जल बोर्ड ने कहा कि उन्हें इस बात पर आपत्ति नहीं है.

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    >> उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यों की सरकारों के साथ चर्चा का एक और दौर दो-तीन महीने बाद चलेगा. पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए, बीआईएस ने परीक्षण के दो चरण आयोजित किए हैं और नमूना संग्रह और परीक्षण के दो और दौर चलाने की योजना बनाई है.



    >> पहले चरण में, दिल्ली भर के 11 विभिन्न स्थानों से पीने के पानी के नमूने लिए गए थे और दूसरे चरण में, 20 राज्यों की राजधानियों में 10 स्थानों से 10 नमूने लिए गए थे.

    >> पासवान ने 16 नवंबर को, बीआईएस अध्ययन के दूसरे चरण को जारी किया जिसमें कहा गया था कि कोलकाता और चेन्नई के साथ साथ दिल्ली के पीने के पानी के 11 गुणवत्ता मानकों में से लगभग 10 पर नमूने विफल साबित हुए है.

    >> तीसरे चरण में, पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानी और 100 स्मार्ट शहरों में पाइप से आपूर्ति होने वाले पेयजल के नमूनों का परीक्षण किया जाएगा और उनके परिणाम 15 जनवरी, 2020 तक आने की उम्मीद है.

    >> चौथे चरण में, देश के सभी जिला मुख्यालयों से नमूनों का परीक्षण करने का प्रस्ताव है और परिणाम 15 अगस्त, तक आने की उम्मीद है.

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    Tags: Business news in hindi, Ministry of Drinking Water and Sanitation, Ram vilas paswan

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