बिटक्वाइन के लिए हार्डवेयर वॉलेट बनाएगी डिजिटल पेमेंट कंपनी Square, निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

स्क्वायर के सीईओ जैक डॉर्सी हैं, जो ट्विटर के सीईओ भी हैं

स्क्वायर के सीईओ जैक डॉर्सी हैं, जो ट्विटर के सीईओ भी हैं

स्क्वायर के सीईओ जैक डॉर्सी ने ट्वीट किया कि उनकी कंपनी बिटक्वाइन हार्डवेयर वॉलेट बनाने की योजना में है.

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नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन (Bitcoin) में दिलचस्पी रखने वालों के लिए अच्छी खबर है. डिजिटल पेमेंट कंपनी स्क्वायर (Square) बिटक्वाइन के लिए एक हार्डवेयर वॉलेट बनाने पर विचार कर रही है, जिससे बिटक्वाइन में निवेश करने वाले लोगों का इस क्रिप्टोकरेंसी पर पूरा कंट्रोल रहे. स्क्वायर के सीईओ जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) जो ट्विटर के सीईओ भी हैं.

जैक डॉर्सी ने ट्वीट किया कि उनकी कंपनी बिटक्वाइन हार्डवेयर वॉलेट बनाने की योजना में है. इससे पहले 4 जून को मियामी में आयोजित बिटक्वाइन 2021 सम्मेलन में जैक डॉर्सी ने कहा था कि उनकी कंपनी स्क्वायर द्वारा बनाया गया बिटक्वाइन हार्डवेयर वॉलेट ओपन सोर्स होगा और यह सॉप्टवेयर से हार्डवेयर डिजाइन होगा. उन्होंने कहा कि बिटक्वाइन सभी का है और इसे स्टोर करने पर किसी का कंट्रोल नहीं होना चाहिए. इस हार्डवेयर वॉलेट से बिटक्वाइन में निवेश करने वाले लोग खुद अपना बिटक्वाइन स्टोर कर सकेंगे.

Square का रेवेन्यू बढ़कर 4.75 बिलियन डॉलर हो गया

आपको बता दें कि बिटक्वाइन ट्रांजैक्शन स्क्वायर के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हुआ है. यह डिजिटल पेमेंट कंपनी निवेशकों को Cash App के माध्यम से बिटक्वाइन खरीदने की सुविधा देती है और इस करेंसी को डिजिटली स्टोर करती है. बिटक्वाइन ट्रांजैक्शन से स्क्वायर का रेवेन्यू बढ़कर 4.75 बिलियन डॉलर हो गया है जो 2019 में केवल 516.5 मिलियन डॉलर था.
इस घोषणा से Square के शेयर में 2.7% का उछाल

जैक डॉर्सी बिटक्वाइन को स्टोर करने का ऐसा तरीका बता रहे हैं जिससे बिटक्वाइन को स्टोर करने पर उनकी कंपनी स्क्वायर सहित किसी भी कंपनी का कंट्रोल नहीं होगा. बल्कि निवेशक खुद अपनी खरीदा हुआ बिटक्वाइन इस हार्डवेयर वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और इस पर केवल उनका ही नियंत्रण होगा. जैक डॉर्सी की इस घोषणा से स्क्वायर के शेयर 2.7% उछलकर 214.37 डॉलर से ऊपर चले गए.

भारत में RBI ने जाहिर की अपनी आशंकाएं



क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारत समेत दुनियाभर में बेहद कंफ्यूजन है. हाल ही में आरबीआई की ओर से जारी एक क्लैरिफिकेशन से क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी लॉबी खुश हो गई थी. इसके बाद क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी बहुत सी फर्मों ने इसे देश में क्रिप्टो मार्केट को लेकर आरबीआई के रवैये में बदलाव बताया था. आरबीआई ने केवल यह कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से पिछले वर्ष दिए गए एक आदेश के कारण 2018 में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर जारी किया गया उसका एक सर्कुलर मान्य नहीं है. हालांकि, इसके साथ ही RBI ने बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी ट्रांजैक्शंस को लेकर सतर्क किया था.

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