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नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा Bitcoin, टूट सकता है दो साल पहले का रिकॉर्ड

बिटकॉइन में बड़ी उछाल के बीच कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह उछाल अनिश्चित हो सकती है.

बिटकॉइन में बड़ी उछाल के बीच कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह उछाल अनिश्चित हो सकती है.

क्रिप्टोकरंसी ईथर के मुकाबले बिटकॉइन में इस साल 270 फीसदी का इजाफा हुआ है. केवल बुधवार को ही इसमें 6.2 फीसदी यानी 28,572 डॉलर की तेजी आई.

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    नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन (Bitcoin) के लिए इस साल बढ़त के साथ बंद हो सकता है. बुधवार को यह 28,000 डॉलर से ऊपर चला गया. दिसंबर में इसमें 47 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. ब्लूमबर्ग के डेटा से इस बारे में जानकारी मिलती है. बुधवार को एशिया ट्रेडिंग में यह 6.2 फीसदी यानी 28,572 डॉलर के पार पहुंच गया है. मई 2019 के बाद किसी भी महीने में यह सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली है. इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच बिटकॉइन की वैल्यू में करीब 4 गुना से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है. ब्लूमबर्ग गैलेक्सी क्रिप्टो इंडेक्स (Bloomberg Galaxy Crypto Index) के मुताबिक, दूसरी क्रिप्टोकरंसी ईथर (Cryptocurrency Ether) के मुकाबले बिटकॉइन में इस साल 270 फीसदी का इजाफा हुआ है.

    डिजिटल गोल्ड की तरह मिल सकती है बिटकॉइन को मान्यता
    क्रिप्टोकरंसी के भाव में हालिया तेजी से उन कयासों को दो धड़ों में बांट दिया है, जिसमें कहा जाता है कि डॉलर में कमजोरी और महंगाई दर जैसे जोखिम से बचने में क्रिप्टोकरंसी मददगार साबित हो सकता है. दूसरे लोग मानते हैं कि बिटकॉइन कोई एसेट क्लास (Bitcoin as an Asset Class) नहीं हो सकता है. उनका तर्क है कि इसमें अचानक बड़ी तेजी और गिरावट देखने मिलती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालिया तेजी का सबसे बड़ा कारण इसकी संस्थागत मौजूदगी है. आगे भी डिजिटल गोल्ड की तरह ही बिटकॉइन को भी मान्यता देखने को मिल सकती है.

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    क्रिप्टोकरंसी को लेकर नियामकीय चिंता भी बड़ा फैक्टर
    हालांकि, नियामकीय चिंता भी निवेशकों के लिए एक सबसे बड़ा फैक्टर है. इसी महीने ही सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन ने रिपल लैब्स इंक और उसके टॉप अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि एक्सआरपी टोकन को लेकर उन्होंने निवेशकों को गुमराह किया है. हालांकि, रिपल लैब्स इस अरोप को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है. इस डेवलपमेंट के बाद डिजिटल एसेट्स पर शिंकजा भी बढ़ सकता है. एक्सआरपी इस महीने में 70 फीसदी की गिरावट देखने मिली है.

    मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि 2030 तक बिटकॉइन की कीमत 1 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है. उन्होंने बताया कि मांग में तेजी रहने से 2021 में बिटकॉइन की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है. मांग में तेजी रहने से 2021 में बिटकॉइन की कीमतें और बढ़ेंगी.



    क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?
    बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी होती है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है. इस करेंसी में कूटलेखन तकनीक का प्रयोग होता है. इस तकनीक के जरिए करेंसी के ट्रांजेक्शन का पूरा लेखा-जोखा होता है, जिससे इसे हैक करना बहुत मुश्किल है. यही कारण है कि क्रिप्टोकरेंसी में धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम होती है. क्रिप्टोकरेंसी का परिचालन केंद्रीय बैंक से स्वतंत्र होता है, जो कि इसकी सबसे बड़ी खामी है.

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    जानिए कैसे होती है बिटकॉइन में ट्रेडिंग?
    बिटकॉइन ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के जरिए होती है. बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान रहती है. इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई. दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती बढ़ती रहती है. इसे कोई देश निर्धारित नहीं करता बल्कि डिजिटली कंट्रोल (Digitally controlled currency) होने वाली करंसी है. बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बहुत तेजी से होता है.

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