बिटक्वाइन में गिरावट जारी, पिछले 24 घंटे में 14% गिरकर 40 हजार डॉलर से नीचे आया, जानिए गिरावट क्यों

बिटकॉइन में गिरावट जारी

बिटकॉइन में गिरावट जारी

मुंबई. क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन में लगातार गिरावट जारी है. पिछले 24 घंटे में यह करेंसी लगभग 14 फीसदी गिर चुकी है. इस साल फरवरी के बाद पहली बार बिटक्वाइन की कीमत 40 हजार डॉलर से नीचे आई है. इस महीने इस क्रिप्टेकरेंसी में लगातार गिरावट जारी है.

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मुंबई. क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन में लगातार गिरावट जारी है. पिछले 24 घंटे में यह करेंसी लगभग 14 फीसदी गिर चुकी है. इस साल फरवरी के बाद पहली बार बिटक्वाइन की कीमत 40 हजार डॉलर से नीचे आई है. इस महीने इस क्रिप्टेकरेंसी में लगातार गिरावट जारी है. इस करेंसी को लेकर लगातार आ रही निगेटिव खबरों के चलते इसमें बिकवाली चल रही है. अभी एक बिटक्वाइन की कीमत 39 हजार डॉलर के आस-पास चल रही है. क्वाइनडेस्क डाटा के मुताबिक कुछ घंटे पहले यह 38,585 डॉलर पर पहुंच गई थी.

बिटक्वाइन में गिरावट के प्रमुख कारण-

चीन ने भी प्रतिबंध लगाया-

पिछले 24 घंटे में आई गिरावट की बड़ी वजह चीन द्वारा क्रिप्टोकरेंसी को बैन करना. चीन ने अपने वित्तीय संस्थानों और पेमेंट कंपनियों को क्रिप्टो करेंसी लेन-देन से संबधित सेवाओं देने पर बैन लगा दिया है. साथ ही, निवेशकों को क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर चेतावनी दी है. चीन ने क्रिप्टो प्रतिबंध के तहत कहा है कि बैंकों और ऑनलाइन भुगतान चैनलों सहित ऐसे संस्थानों को ग्राहकों को पंजीकरण, व्यापार, clearing and settlement, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कोई भी सेवा प्रदान नहीं करनी चाहिए.
मंगलवार रात इस खबर के बाद पहले से गिर रही बिटक्वाइन की गिरावट में और तेजी आई है. चीन से बड़े पैमाने पर क्रिप्टोकरेंसी की सट्टेबाजी होती है.

एलन मस्क का रूख -

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के रूख से भी बिटक्वाइन में गिरावट आई है. मस्क ने पहले कहा था कि वे टेस्ला के लिए बिटक्वाइन में पेमेंट लेंगे. फिर उन्होंने बिटक्वाइन में पेमेंट से मना कर दिया. उसके बाद से इस करेंसी में और गिरावट है. साथ ही मस्क कभी dogicoin को आगे बढ़ा रहे हैं तो कभी किसी और क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चर्चा कर रहे हैं. हाल ही में मस्क ने कहा था कि अब वे अपनी खुद की नई क्रिप्टोकरेंसी लेकर आएंगे. फेसबुक भी इस पर काम कर रहा है. इस अनिश्चतता से भी बिटक्वाइन में लगातार गिरावट है.



ओवरवैल्यूड माना जाना -

दुनिया तमाम विशेषज्ञ और बैंकों का यह कहना है कि डिजिटल करेंसी बिटक्वाइन ओवरवैल्यूड है. इसकी कीमत बहुत ज्यादा है. यह बबल है औऱ कभी भी फूट सकता है. लिहाजा इसका भी असर दिख रहा है. बैंक ऑफ इंगलैड भी इस संबंध में चेतावनी जारी कर चुका है. बिटक्वाइन अभी 60 हजार डॉलर तक पहुंच गई थी.

सट्टा मार्केट -

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक बिटक्वाइन की बढ़ती-घटती कीमतों की वजह से इसमें भारी पैमाने पर सट्टेबाजी चल रही है. गिरावट का यह भी एक प्रमुख कारण है. निगेटिव खबरों के चलते और मार्केट सेंटीमेंट देख कर बड़े स्तर पर इसमें बिकवाली चल रही है.

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