चीन की कंपनी को न हो फायदा! इसलिए रेलवे ने रद्द किया थर्मल कैमरा खरीद का टेंडर

चीन की कंपनी को न हो फायदा! इसलिए रेलवे ने रद्द किया थर्मल कैमरा खरीद का टेंडर
रेलवे ने रद्द किया थर्मल कैमरा खरीद का टेंडर

रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम रेलटेल ने पिछले महीने 800 निगरानी वाले थर्मल कैमरों के लिए ट्रेंडर जारी किया था. इससे शरीर का तापमान पता लगाने के अलावा यह भी पता किया जा सकता था कि व्यक्ति ने मास्क पहना हुआ है या नहीं.

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नई दिल्ली.चीन की कंपनी को 800 एआई-आधारित थर्मल निगरानी कैमरों (800 AI-based thermal Surveillance Cameras) का ठेका देने से रोकने के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने टेंडर रद्द कर दिया है.  CNBC आवाज़ को रेलटेल (RailTel) के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि रेलवे ने पैनल में शामिल कारोबारी सहयोगियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आवेदन मांगे हैं. इसके अलाव अन्य विक्रेताओं से भी आवेदन मांगे गए थे. उन्होंने कहा, बड़े पैमाने पर आवेदन मिलने के बाद हमने ईओआई को रद्द कर दिया. अब हम खुला आवेदन मंगा रहे हैं.

क्या है मामला-रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम रेलटेल ने पिछले महीने 800 निगरानी वाले थर्मल कैमरों के लिए टेंडर जारी किया थी. इससे शरीर का तापमान पता लगाने के अलावा यह भी पता किया जा सकता था कि व्यक्ति ने मास्क पहना हुआ है या नहीं. आपको बता दें कि थर्मल कैमरा खरीद का टेंडर रद्द करने के मामले में रेलवे ने चीनी कंपनियों को लाभ होने का अंदेशा जताया है.

दरअसल ज्यादातर भारतीय कंपनियों ने रेलटेल को पत्र लिखकर चिंता जताई कि कैमरे के लिए जो विशेषता निर्धारित की गई है, उससे चीन की कंपनी हिकविजन (Hikvision) को फायदा होता. हिकविजन दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो सर्विलांस कंपनी है और मौजूदा भारतीय सीसीटीवी मार्केट पर उसका कब्जा है.



नितिन गडकरी ने किया हाईवे प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियों को रोकने का ऐलान-सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बुधवार को कहा कि सरकार चीनी कंपनियों को राजमार्ग परियोजनाओं का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं देगी. इसमें चीन की कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रम (JV) बनाने वाली कंपनियां भी शामिल होंगी.
गडकरी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि चीनी निवेशक MSME जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश ना कर सकें. गडकरी के पास MSME मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है. गडकरी ने एक साक्षात्कार में कहा,  हम सड़क निर्माण के लिए उन संयुक्त उपक्रमों को ठेका नहीं देंगे जिनमें चीन की कंपनी भागीदार होगी. हम इस पर कड़ा रुख बनाए रखेंगे. यदि वह संयुक्त उपक्रम में शामिल होकर भारत आते हैं, हम उन्हें इसकी अनुमति नहीं देंगे. (दिपाली नंदा, CNBC आवाज़)
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