Boycott China: इस साल मनेगी हिंदुस्तानी दीवाली, कारोबारियों ने शुरू की तैयारी

Boycott China: इस साल मनेगी हिंदुस्तानी दीवाली, कारोबारियों ने शुरू की तैयारी
CAIT ने भी इस साल चीनी सामानों का उपयोग नहीं करने की अपील की है.

कारोबारी इस बार हिंदुस्तानी दीवाली मनाने के लिए कमर कस चुके हैं. पहले कोरोना वायरस और फिर पूर्वी लद्दाख में तनाव के बाद कारोबारियों ने चीनी सामानों का बहिष्कार करने का फैसला लिया है. इसके पहले हर साल करीब दीवाली के मौके पर 20 हजार करोड़ रुपये का सामान चीन से आयात होता था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 7:20 PM IST
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नई​ दिल्ली. देशभर के कारोबारी इस साल दीवाली पर सिर्फ स्वेदशी सामान की बिक्री के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. एक तरफ तो कोरोना वायरस महामारी के चलते देश में चीन के सामानों का आयात नहीं हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ बॉयकॉट चीन मुहिम (Boycott China Campaign) को आगे बढ़ाते हुए कारोबारियों ने इस साल हिंदुस्तानी ​दीवाली मनाने के लिए कमर कस ली है. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दीवाली पर चीनी सामानों का बहिष्कार करने की अपील की है.

मेड इन इंडिया सामान खरीदने व बेचने का फैसला
रंग बिरंगी रोशनी, टिमटिमाते दिए, खूबसूरत झालर और भगवान गणेश और मां पार्वती की मूर्ति, दीवाली के मौके पर हर साल बड़ी संख्या में इन सभी चीजों का आयात चीन से होता आया है. पिछले करीब 20 सालों से दीवाली से महीनों पहले से ही बाजार चीनी सामानों से भरने शुरू हो जाते थे, लेकिन इस बार सिर्फ स्वदेशी सामान से ही घर और बाजार रोशन हों, इसके लिए देश के कारोबारियों ने सिर्फ मेड इन इंडिया सामान बेचने और खरीदने का फैसला लिया है

राजधानी दिल्ली के एक कारोबारी विपिन आहुजा बताते हैं कि हम अपनी शोरूम में छोटे-छोटे कारीगरों की तरफ से बनाई जा रही गणेश की मूर्तिया सजा रहे है. इसके अलावा सभी कारोबारी भी चीनी सामान को खरीदने या बेचने के हक़ में नही है.
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दीवाली पर हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये का आयात
एक अनुमान के मुताबिक हर दीवाली चीन से करीब 40 हज़ार करोड़ का सामान आयात किया जाता है. दीवाली से 2 महीने पहले आए ही व्यापारी स्टॉक इकट्ठा करने में जुट जाते है. लेकिन कोरोना और गलवान घाटी में सामने आई चीनी गतिविधियों के बाद व्यापारी आर्थिक तौर पर इसका बदला लेने का फैसला लिया है. स्वदेशी सामान को प्रमोट करने के लिए व्यापरियों बाकी संस्था कैट ने देश भर में 300 जगह पर वर्चुअल exhibition लगाने का भी फैसला किया है. इसकी शुरुआत राजधानी दिल्ली से की जा चुकी है.

चीन से 90 दिन एडवांस में सामान मंगाना पड़ता था
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'चीन से इंपोर्ट करने के लिए व्यापारियों को पहले 90 दिन एडवांस में सामान मंगाना पड़ता था. मान लीजिए उनके पास आज कोई सामान नहीं है और वो अगर इसका ऑर्डर देते हैं तो 90 दिन बाद ही उन्हें यह सामान मिलता है. लेकिन इस बार जिस प्रकार चीन के प्रति देश में माहौल है, इसी को देखते हुए कैट ने इस दिवाली चीनी सामानों के ​बहिष्कार करने की अपील की है.'

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कोरोना की वजह से पिछले 5 महीने से व्यापारियों का धंधा सुस्त है, लेकिन चीन विवाद के बाद ज़्यादातर लोग चीनी सामान का बहिष्कार कर रहे है ऐसे में इस बार व्यापरियों को अच्छी बिक्री की भी उम्मीद है.
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