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भारत के सख्त रवैये से तिलमिलाया चीन, दिखा रहा अपनी GDP का धौंस

चीनी प्रोडक्ट पर पांबदी लगाने से बौखलाया चीन

चीनी प्रोडक्ट पर पांबदी लगाने से बौखलाया चीन

Boycott Chinese products- चीन ने कहा, भारत चीन के प्रति अमेरिका की नक़ल नहीं कर सकता क्योंकि चीन की जीडीपी (GDP) भारत से लगभग पांच गुना है. चीन के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ने पर भारत को ही नुकसान उठाना पड़ेगा.

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    नई दिल्ली. चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारत (India-China Rift) लगातार चीनी उत्‍पादों का बहिष्‍कार कर रहा है. जिससे चीन की अर्थवयवस्था पर काफी असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत चीन के लिए एक उबरता हुआ मार्केट है. अपनी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की आशंका से चीन अब भारत को जीडीपी (GDP) का धौंस दिखा रहा है. ग्लोबल टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक़, चीन का कहना है कि भारत कुछ उत्पादों के लिए पूरी तहर से चीन पर निर्भर है. भारत के इस रवैये से वो केवल अपना नुकसान करेगा. हमारी जीडीपी वैसे भी भारत से पांच गुना है.

    चीन की मीडिया ने कहा कि भारत 300 चीनी उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाना चाहता है और कई उत्पादों पर पाबंदी लगा उसकी जगह भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देना चाहता है जो भारत की दीर्घकालिक योजनाएं हो सकती हैं. लेकिन कुछ मीडिया ने इन योजनाओं को चीन के विरोध में खड़ा कर दिया है.

    हरभजन सिंह के ट्वीट का किया जिक्र
    ग्लोबल टाइम्स के सम्पादकीय में भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह और सेवानिवृत्त भारतीय सेना प्रमुख रणजीत सिंह के ट्वीट का जिक्र भी किया है. भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने मंगलवार को ट्वीट कर लोगों से "सभी चीनी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने" का आह्वान किया. सेवानिवृत्त भारतीय सेना प्रमुख रणजीत सिंह ने लोगों को चीनी का बहिष्कार करने के लिए कहा, "हम आर्थिक रूप से चीन की रीढ़ तोड़ सकते हैं."

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    कहा पांच गुना है चीन की
    भारत चीन के प्रति अमेरिका की नक़ल नहीं कर सकता क्योंकि चीन की जीडीपी भारत से लगभग पांच गुना है. चीन के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ने पर भारत को ही नुकसान उठाना पड़ेगा. अगर भारत सीमा मुद्दे पर राष्ट्रवादी भावना को खुश करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को बर्बाद कर देता है, तो यह खुद को चोट पहुंचाने जैसा होगा. भारतीय लोगों को चीनी उत्पादों की आदात हो गई है इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

    ये भी पढ़ें : चीन में बने उत्‍पादों के बहिष्‍कार के बीच निर्यात बढ़ाने की कोशिश में जुटा भारत

    चीन ने कहा, कट्टरपंथी ताकतें हर साल करती हैं बहिष्कार का आह्वान
    चीन ने कहा कि भारत की कुछ कट्टरपंथी ताकतें हर साल चीनी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान करती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद भी चीन-भारत व्यापार का लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत चीन से अधिक से अधिक वस्तुओं का आयात कर रहा है, जिसके कारण भारत को हर साल चीन के साथ अरबों के व्यापार घाटे का सामना करना पड़ता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में कई चीनी उत्पादों का उत्पादन नहीं किया जा सकता है, और कीमत ज्यादा होने से उन्हें पश्चिमी देशों से भी नहीं खरीद सकता.

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