सरकार ने 'बायकाट चाइनीज प्रोडक्ट्स' के लिए उठाया ये कदम, चीन के सस्ते घटिया सामन की मांगी लिस्ट

सरकार ने 'बायकाट चाइनीज प्रोडक्ट्स' के लिए उठाया ये कदम, चीन के सस्ते घटिया सामन की मांगी लिस्ट
जल्द ही लगेगी चाइनीज प्रोडक्ट पर पाबंदी

प्रधानमंत्री कार्यालय में हाल में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में चीन से आयात होने वाले सस्ते और घटिया सामन की लिस्ट मांगी है.

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नई दिल्ली. मोदी सरकार ने देश में आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए और आयात को कम करने के लिए चीन से आने वाले कम गुणवत्ता वाले सामान की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है. मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय में हाल में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में चीन के आयात पर निर्भरता खत्म करने और आत्म निर्भर भारत को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई. इस बैठक में कई मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया. उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने वाला विभाग (DPIIT) कम गुणवत्ता वाले चीनी आयात के लिए नीतिगत उपायों पर काम कर रहा है, जिसमें घड़ी, सिगरेट जैसे आइटम भी शामिल हैं.

इस बैठक में भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा तनाव को लेकर भी चर्चा हुई. 15 जून को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी थी.

इन सामानों की बनाई लिस्ट- इस बैठक में डीपीआईआईटी, वाणिज्य विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग और राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारियों हिस्सा लिया. DPIIT ने चीन में बनने वाले निम्न-गुणवत्ता वाले आयातों की एक लिस्ट तैयार की है जिसमें सिगरेट, तंबाकू, पेंट और वार्निश, प्रिंटिंग स्याही, मेकअप का सामान, शैम्पू, हेयर डाई, कांच के आइटम, घड़ी, इंजेक्शन की शीशी शामिल है. शनिवार को सीआईआई, फिक्की और एसोचैम जैसे कई उद्योग निकायों के साथ इस लिस्ट को शेयर किया गया था और आयात शुल्क पर सुझाव देने के लिए कहा. बैठक में DPIIT और राजस्व विभाग ने कम से कम 300 वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाने पर चर्चा की.



सस्ते सामान के आयात पर लगेगी रोक- अधिकारियों ने भारतीय उद्योग पर किसी भी तरह की टैरिफ नीति पर भी चर्चा की क्योंकि कई क्षेत्र पड़ोसी देश से मध्यवर्ती और कच्चे माल का आयात करते हैं. कम गुणवत्ता वाले आयात के अलावा, डीपीआईआईटी ने अलग से 'सस्ते आयातित सामन' पर भारतीय उद्योग से टैरिफ लाइन डेटा की मांग की है जिससे कोई नीतिगत कार्रवाई कर आयात वृद्धि को रोका जा सके. चीन के खिलाफ आर्थिक नीति कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए इंडिया इंक से भी प्रतिक्रिया ली जाएगी.
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भारत के आयात में लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा चीन का- उन्होंने बताया कि इसके अलावा 2014-15 और 2018-19 के बीच आयात में बढोतरी हुई. भारत के आयात में लगभग 14 प्रतिशत हिस्सा चीन का है, जिसमें मोबाइल फोन, दूरसंचार, बिजली, प्लास्टिक के खिलौने और फार्मास्युटिकल उत्पाद जैसे सामान उल्लेखनीय हैं. शनिवार को हुई इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यापारिक मापदंडों पर भी चर्चा की गई. विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुसार, किसी देश को केवल राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा जैसे सीमित परिस्थितियों में एक विशिष्ट व्यापारिक भागीदार के खिलाफ कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की अनुमति है.
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