BPCL ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 61.65% हिस्‍सेदारी बेचने को दी मंजूरी, मार्च 2021 अंत तक 9875 करोड़ रुपये में होगी बिक्री

एनआरएल में हिस्‍सेदारी बिक्री को बीपीसीएल बोर्ड ने मंजूरी दी.

एनआरएल में हिस्‍सेदारी बिक्री को बीपीसीएल बोर्ड ने मंजूरी दी.

सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कहा कि मार्च 2021 के आखिर तक नुमालीगढ़ रिफाइनरी (Numaligarh Refinery) में हिस्‍सेदारी की बिक्री प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसे बीपीसीएल में सरकारी हिस्‍सेदारी के विनिवेश (Disinvestment) की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2021, 12:45 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बोर्ड ने तुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) की 61.65 फीसदी हिस्‍सेदारी बेचने की मंजूरी (Approved Stake Sale) दे दी है. एनआरएल की ये हिस्‍सेदारी 9,875 करोड़ रुपये में बेची जाएगी. एनआरएल की 49 फीसदी हिस्‍सेदारी का अधिग्रहण ओआईएल (OIL) व इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) का कंसोर्टियम करेगी. बीपीसीएल के निदेशक विजयगोपाल ने बताया कि इसके अलावा नुमालीगढ़ रिफाइनरी की 13.65 फीसदी हिस्‍सेदारी असम सरकार (Assam Government) खरीदेगी.

45 करोड़ से ज्‍यादा इक्विटी शेयर बेचने को बोर्ड की मंजूरी
बीपीसीएल ने बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि कंपनी की 1 मार्च 2021 को हुई बैठक में 45,35,45,998 इक्विटी शेयर बेचने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी गई है. नुमालीगढ़ रिफाइनरी के ये शेयर 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की दर पर बीपीसीएल के पास हैं. साथ ही बताया कि अगर असम सरकार 13.65 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदने को सहमत नहीं होती है तो पूरी 61.65 फीसदी हिस्‍सेदारी ऑयल और ईआईएल के कंसोर्टियम को बेच दी जाएगी. ऑयल मार्केटिंग कंपनी पहले भी कह चुकी है कि वो नुमालीगढ़ रिफाइनरी में अपनी पूरी हिस्‍सेदारी की बिक्री प्रक्रिया मार्च 2021 के आखिर तक पूरी कर लेगी.

Youtube Video

ये भी पढ़ें- फर्टिलाइजर कंपनियों को इसी महीने मिलेगा सब्सिडी का पूरा बकाया! टेक्सटाइल्स सेक्टर को GST में मिल सकती है राहत



केंद्र सरकार बीपीसीएल में बेचेगी अपनी पूरी हिस्‍सेदारी
एनआरएल की बिक्री को बीपीसीएल के विनिवेश की दिशा में पहला कदम माना जाता है. देश के अब तक के सबसे बड़े निजीकरण में केंद्र सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. सरकार ने पहले संकेत दिया था कि वह अप्रैल (2021-22) की शुरुआत के पहले छमाही तक बीपीसीएल के निजीकरण को पूरा करने की उम्मीद करती है. यह बिक्री 2021-22 के लिए निर्धारित 1.75 लाख करोड़ के विनिवेश लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है. अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता समूह और अपोलो ग्लोबल जैसे निजी इक्विटी प्‍लेयर्स तथा आई स्क्वेयर कैपिटल पहले ही BPCL में अपनी रुचि जता चुके है. बीपीसीएल भारत की तेल शोधन क्षमता का लगभग 15.33 फीसदी और ईंधन विपणन हिस्सेदारी का 22 फीसदी खरीदार को स्वामित्व देगी.

ये भी पढ़ें- Gold Price Today: सोने के दाम में तेजी, फिर भी 46 हजार से बना हुआ है नीचे, चांदी हुई महंगी, देखें लेटेस्‍ट भाव

NRL की शोधन क्षमता 90 लाख टन सालाना करने की योजना
नुमालीगढ़ रिफाइनरी 22,594 करोड़ के निवेश पर अपनी शोधन क्षमता को प्रति वर्ष 30 लाख टन से बढ़ाकर 90 लाख टन करने की सोच रही है. इस परियोजना के 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है. बीपीसीएल के अनुसार, 31 मार्च 2020 को समाप्त वित्‍त वर्ष में कंपनी को एकीकृत कुल आय 14,244.29 करोड़ रुपये रही थी. वहीं, समान अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति 5,292 करोड़ रुपये आंकी गई थी. इसके अलावा दिसंबर 2020 को समाप्‍त तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 120 फीसदी वृद्धि के साथ 2,777.6 करोड़ रुपये रहा. कंपनी ने एक साल पहले इसी अवधि में 1,260.6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज