Ranbaxy के पूर्व सीईओ और उनके भाई के घर-दफ्तर पर ईडी का छापा

ED ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाइयों मलविंदर मोहन सिंह (45) और शिविंदर मोहन सिंह (43) के घर छापे मारे हैं.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 3:17 PM IST
Ranbaxy के पूर्व सीईओ और उनके भाई के घर-दफ्तर पर ईडी का छापा
रैनबैक्सी
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Updated: August 1, 2019, 3:17 PM IST
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाइयों मलविंदर मोहन सिंह (45) और शिविंदर मोहन सिंह (43) के घर छापे मारे हैं. अधिकारियों ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज होने के बाद यह छापे मारे गए हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई की गई है. दोनों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं.

क्या है मामला
यह मामला रैनबैक्सी और जापानी फार्मा डायची सैंक्यो के बीच का है. दोनों कंपनियों के बीच विवादित मामले का निपटारा करते हुए सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने रैनबैक्सी को आदेश दिया था कि वह डायची सैंक्यो को 3,500 करोड़ रुपये अदा करे. लेकिन रैनबैक्सी ने यह रकम नहीं चुकाई. इसके बाद डायची सैंक्यो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें मांग की है कि रैनबैक्सी को सिंगापुर मध्यस्थता अदालत का आदेश मानने का निर्देश दिया जाए.


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सन फार्मा में हो चुका है रैनबैक्सी का विलय- दायची ने 2008 में रैनबैक्सी को खरीद लिया था. बाद में उसने सिंगापुर पंचाट न्यायाधिकरण में मामला दायर कर आरोप लगाया कि सिंह बंधुओं ने कंपनी के शेयर बेचते समय इस तथ्य को छिपाया कि अमेरिका का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और न्याय विभाग रैनबैक्सी की जांच कर रहा है. आपको बता दें इसके बाद सन फार्मा ने रैनबैक्सी को खरीद लिया. अब रैनबैक्सी का विलय सन फार्मा में हो चुका है.

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First published: August 1, 2019, 2:44 PM IST
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