ब्रूकफील्ड का REIT आईपीओ का इश्यू ओपन हुआ, एक्सपर्ट की ऐसी है निवेश की सलाह

ब्रूकफील्ड इंडिया इस IPO के जरिये जुटाए गए पैसे की इस्तेमाल अपने कर्ज (debt) को उतारने में करेगी.

इश्यू का प्राइस बैंड 274-275 रुपए है. इसका लॉट साइज 200 यूनिट्स का है. यानी निवेशकों को कम से कम 200 यूनिट खरीदने होंगे और इसके बाद इसके मल्टीपल में इस IPO को सब्सक्राइब कर सकेंगे.

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    नई दिल्ली. ब्रूकफील्ड इंडिया ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (Brookfield India Real Estate Investment Trust, REIT) का आईपीओ (IPO) लॉन्च कर दिया है. इसका इश्यू आज से यानी बुधवार से खुल गया है और 5 फरवरी को बंद होगा. आरईआईटी के जरिये कंपनी निवेशकों से 3800 करोड़ रुपए जुटाएगी.

    इश्यू का प्राइस बैंड 274-275 रुपए है. इसका लॉट साइज 200 यूनिट्स का है. यानी निवेशकों को कम से कम 200 यूनिट खरीदने होंगे और इसके बाद इसके मल्टीपल में इस IPO को सब्सक्राइब कर सकेंगे. कंपनी इस IPO के जरिये जुटाए गए पैसे की इस्तेमाल अपने कर्ज (debt) को उतारने में करेगी. शेयर मार्केट्स के एक्सपर्ट से आप इसमें निवेश की सलाह समझ सकते हैं.

    बाजार के जानकार केआर चोकसी ने कहा कि कंपनी का मौजूदा पोर्टफोलियो और आगे विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए मजबूत कैश फ्लो की उम्मीद है. इश्यू के प्राइस का अपर बैंड 275 रुपए है जो सितंबर 2020 के NAV प्रति यूनिट के मुकाबले 11.6 फीसदी कम है. सितंबर 2020 में NAV 311 रुपए प्रति यूनिट था. चोकसी ने कहा, "14 दिसंबर 2020 तक ब्रुकफील्ड की प्रतिद्वंदी कंपनियां जैसे एम्बेसी ऑफिस पार्क REIT 5.3 फीसदी और माइंडस्पेस बिजनेस पार्क REIT 3 फीसदी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे थे. इसके मुकाबले ब्रुकफील्ड का इश्यू प्राइस 11.6 फीसदी डिस्काउंट पर है जो इसके वैल्यूएशन को बेहतर बना रहा है. लिहाजा इस IPO में निवेश किया जा सकता है.



    कंपनी कितनी मजबूत : सात साल तक कैश फ्लो की दिक्कत नहीं
    कंपनी का WALE (वेटेड एवरेज लीज एक्सपायरी) 7.1 साल है. यानी ऑफिस कॉन्ट्रैक्ट में कंपनी का लीज खत्म होने में औसत 7.1 साल लगेंगे. यानी तब तक कंपनी को कैश फ्लो की दिक्कत नहीं होगी. कंपनी ऑर्गेनिक और कॉन्ट्रैक्चुअल लीज, दोनों से अच्छी आमदनी करने की पोजीशन में है. कंपनी ने कई मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ ऑफिस स्पेस के लिए रेंटल कॉन्ट्रैक्ट किया है. इनमें बार्क्लेज, बैंक ऑफ अमेरिका कॉन्टिनम, RBS, एक्सेंचर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और कॉग्निजेंट शामिल हैं. गौरतलब है कि ब्रूकफील्ड इंडिया इकलौता ऐसा कमर्शियल रियल एस्टेट व्हीकल है जो 100 फीसदी संस्थागत तरीके से मैनेज किया जाता है. इस कंपनी के पास 4 बड़े फॉरमैट ऑफिस पार्क्स हैं, जो बिजनेस के लिहाज से अहम इलाके माने जाते हैं. यह मुंबई, गुरुग्राम, नोएडा और कोलकाता में है.



    कंपनी पर 6952.07 करोड़ रुपए का है कर्ज

    वित्त वर्ष 2020 में ब्रूकफील्ड इंडिया का मुनाफा 15.12 करोड़ रुपए था. जबकि इससे एक साल पहले इसका मुनाफा 15.75 करोड़ रुपए रहा था. कंपनी की कुल आमदनी 5.54% बढ़कर 981.40 करोड़ रुपए पहुंच गई. 31 मार्च, 2020 तक कंपनी पर कुल बकाया कर्ज 6952.07 करोड़ रुपए था. ब्रूकफील्ड इंडिया की पेरेंट कंपनी ब्रूकफील्ड इंक ग्लोबल स्तर पर 578 बिलियन डॉलर यानी करीब 5.44 लाख करोड़ रुपए के एसेट्स को मैनेज करती है. वहीं, भारत में कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल ऐस्टेट के क्षेत्र में 2.20 लाख स्क्वायर फीट की ऑफिस प्रोपर्टी को मैनेज करती है. इसके अलावा कंपनी के पास 7 टोल रोड्स हैं, जिनकी कुल लंबाई 600 किमी से अधिक है.



    क्या होता है REIT और इसका आईपीओ

    REIT यानी रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (Real Estate Investment Trust) ऐसी कंपनी होती है जो रियल एस्टेट एसेट्स को शेयर की तरह यूनिट्स में बांट देती है. निवेशक इन यूनिट्स में निवेश कर सकते हैं. इसमें निवेशक किसी फिजिकल प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते, लेकिन उस संपत्ति से होने वाली कमाई में उनको हिस्सेदारी मिलती है. REIT IPO में भी कंपनी लोगों और इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से आम IPO की तरह ही पैसे जुटाती है. इस IPO के जरिये जुटाए गए फंड्स का इस्तेमाल रियल एस्टेट के प्रोजेक्ट्स पर होता है और उस प्रोजेक्ट से होने वाले लाभ का हिस्सा हर साल इसमें निवेश करने वाले इंवेस्टर्स को मिलता है. साथ ही प्रॉपर्टी की मूल्य में वृद्धि होने की फायदा भी निवेशकों को मिलता है. यानी कंपनियां जब किसी रियल ऐस्टेट प्रॉपर्टी के डेवलपमेंट या निर्माण के लिए फंड्स जुटाने के लिए IPO लाती हैं तो उन्हें REIT IPO कहते है.