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निवेशकों को मिला बाजार में तेजी का जबरदस्त फायदा, 199 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा बीएसई मार्केट कैप

आज बीएसई मार्केट कैप में इजाफे से निवेशकों को 1.32 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है.
आज बीएसई मार्केट कैप में इजाफे से निवेशकों को 1.32 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है.

बेंचमार्क इंडेक्स Sensex 50,000 के पार पहुंच तो गया है. लेकिन, इसके साथ ही आज BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप (BSE m-Cap) भी 199.02 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. आज शुरुआती कारोबार में निवेशकों को करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 5:24 PM IST
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नई दिल्ली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) के 50,000 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों की संपत्ति भी नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है. आज बाजार में तेजी के बाद बीएसई का मार्केट कैप (BSE m-Cap) पिछले सत्र के बाद 1.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा चढ़ा है, जिसके बाद यह 199.02 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. बुधवार को कारोबारी सत्र पूरा होने के बाद यह 197.70 लाख करोड़ रुपये पर था. गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स करीब 300 से ज्यादा अंकों की उछाल के साथ 50,140 के आसपास ट्रेड कर रहा है. निफ्टी भी आज 14,700 के पार पहुंचने में कामयाब रहा है.

इसके पहले सत्र में सेंसेक्स 394 अंकों की बढ़त के साथ 49,792 के स्तर पर बंद हुआ था. जबकि, निफ्टी 124 अंकों की छलांग के साथ 14,644 के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ था.

एक दशक में पहली बार GDP के पार हुआ लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप
पिछले एक दशक में ऐसा पहली बार हुआ है, जब बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से ज्यादा हो गई है. पिछली बार ऐसा सितंबर 2010 में हुआ था, जब बीएसई का कुल मार्केट कैप GDP अनुपात के 100.7 फीसदी पर पहुंच गया था. हालांकि, इस बार का यह अनुपात अब तक के 149.4 फीसदी के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से बहुत नीचे है. दिसंबर 2007 में यह इस स्तर पर पहुंचा था. पिछले 15 साल में इसका सबसे कम अनुपात मार्च 2005 में 52 फीसदी का रहा है.
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गुरुवार को बीएसई का मार्केट कैप 199.02 लाख करोड़ रुपये है. दिसंबर 2020 तक करेंट प्राइस पर देश की नॉमिनल जीडीपी 190 लाख करोड़ रुपये पर है. जीडीपी का यह आंकड़ा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा वित्त वर्ष 2021 के एडवांस अनुमान के आधार पर है. इस सरकारी एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जीडीपी अनुमान साल-दर-साल आधार पर 11 फीसदी लगाया है. हालांकि, पहली छमाही के दौरान इसमें करीब 20 फीसदी का संकुचन भी देखने को मिला है.

इन देशों में भी जीडीपी से ज्यादा है लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप
भारत के अलावा अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, फ्रांस और स्विट्जरलैंड जैसे देशों का मार्केट-कैप टू जीडीपी रेशियो 100 फीसदी से ज्यादा है. जबकि, जर्मनी, चीन, ब्राजील और रूस का m-Cap to GDP Ratio 100 फीसदी से कम है.

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निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?
जानकारों का कहना है कि एम-कैप टू जीडीपी रेशियो का 100 फीसदी से ज्यादा रहने का मतलब है कि निवेशकों को सावधान रहना चाहिए. दरअसल, विकसित बाजारों के विपरित भारत जैसे देश में जीडीपी का एक छोटा हिस्सा ही शेयर बाजार में नजर आता है. सभी लिस्टेड कंपनियों की कुल कमाई देश के जीडीपी से 50 फीसदी से कम है. जबकि, विकसित बाजारों में यह और भी ज्यादा होती है.
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