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ट्रंप की वजह से सेंसेक्स 363 अंक गिरकर बंद, कुछ घंटों में डूब गए 1.35 लाख करोड़ रुपये

Cnbc-Awaaz
Updated: May 6, 2019, 4:07 PM IST
ट्रंप की वजह से सेंसेक्स 363 अंक गिरकर बंद, कुछ घंटों में डूब गए 1.35 लाख करोड़ रुपये
ट्रंप की वजह से सेंसेक्स 363 अंक गिरकर बंद, कुछ घंटों में डूब गए 1.35 लाख करोड़ रुपये

दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार के सत्र में चीन के बाजार में तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट आई है. वहीं, भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 38,600 के स्तर पर बंद हुआ है

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  • Last Updated: May 6, 2019, 4:07 PM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चीन को धमकी देते हुए उसके सामान पर भारी इंपोर्ट ड्यूटी लगाने को कहा है. इस खबर के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार के सत्र में चीन के बाजार में तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट आई है. वहीं, भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 363 अंक गिरकर 38,600 के स्तर पर बंद हुआ है. वहीं, एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 114 अंक की गिरावट के साथ  11598 के स्तर पर बंद हुआ. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार के खुलने के कुछ घंटों के दौरान ही निवेशकों ने 1.35 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए. हालांकि, निवेशकों को फिलहाल घबराने की जरुरत नहीं है. ऐसे में उन्हें गिरावट पर अच्छे शेयरों में पैसा लगाना चाहिए.

डूब गए 1.35 लाख करोड़ रुपये- एसकोर्ट सिक्योरिटी के रिसर्च हेड आसिफ इकबाल ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि शेयर बाजार कि गिरावट में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की वैल्यू  1,51,62,013.20 करोड़ रुपये से गिरकर 1,50,26,665.75 करोड़ रुपये पर आ गई है. ऐसे में कुछ घंटों में 1.35 लाख करोड़ रुपये डूब गए. (ये भी पढ़ें-महंगाई ने फिर तोड़ी पाकिस्तान की कमर, रिकॉर्ड ऊंचाई पर तेल)



 

क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट- आसिफ कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान से दुनियाभर में ट्रेड वॉर को लेकर चिंताएं फिर से गहरा गई है. साथ ही, आम चुनाव नतीजों से पहले बड़े-बड़े निवेशक बिकवाली कर रहे हैं. इसीलिए सेंसेक्स, निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, आने वाले दिनों में बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता नज़र आएगा.



अब कहां बनेगा पैसा-नारनोलिया फाइनेंशियल एडवाइडजर्स की रिसर्च हेड विनीता शर्मा का कहना है कि चुनाव नतीजों से पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर में निवेश किया जा सकता है. बैंक की एसेट क्वालिटी सुधर रही है. फिस्कल ईयर 2020 में मैनेजमेंट को उम्मीद है कि स्लिपेज घटकर 24K-30K रुपए करोड़ रह सकता है. स्लिपेज घटने से बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन NIM में सुधार हुआ है.

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मैरिको के शेयर में भी निवेश किया जा सकता है. कंजम्प्शन ग्रोथ के आधार पर मैरिको के वॉल्यूम ग्रोथ में 7-8 फीसदी की तेजी आ सकती है. सफोला ऑयल की बिक्री में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है. वहीं पैराशूट रिजिड औऱ VAHO और नई लॉन्चिंग की वजह से कंपनी का डोमेस्टिक वॉल्यूम ग्रोथ बढ़ सकता है.

कोटक सिक्योरिटीज की रिसर्च हेड रश्मिक ओजा का कहना है कि मौजूदा स्तर पर सूर्या रोशनी का शेयर निवेश के लिए बेहतर है. कंपनी दो सेगमेंट में कारोबार करती है. लाइटिंग और स्टील पाइप्स. फिस्कल ईयर 2018 में कंपनी की 72 फीसदी आमदनी स्टील पाइप्स से आई थी. वहीं 28 फीसदी आमदनी लाइटिंग बिजनेस से आती है. इसमें सबसे बड़ा योगदान LED की है.

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First published: May 6, 2019, 3:43 PM IST
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