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VRS स्कीम से BSNL में अधिकारियों की हुई कमी, Deputation पर मांगे कर्मचारी

भाषा
Updated: December 3, 2019, 1:54 PM IST
VRS स्कीम से BSNL में अधिकारियों की हुई कमी, Deputation पर मांगे कर्मचारी
Deputation पर मांगे कर्मचारी

BSNL ने दूरसंचार विभाग से प्रति नियुक्ति पर पर्याप्त संख्या में भारतीय दूरसंचार सेवा (ITS) के अधिकारी मांगे है. लेकिन प्रतिनियुक्ति पर आए तमाम आईटीएस अधिकारी विभाग में वापस जाना चाहते हैं.

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नई दिल्ली. कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति (VRS) दे रही सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लि (BSNL) को महत्वपूर्ण प्रबंधिकीय पदों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कमी सताने लगी है और उसने इसके लिए दूरसंचार विभाग से प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर पर्याप्त संख्या में भारतीय दूरसंचार सेवा (ITS) के अधिकारी मांगे है. लेकिन प्रतिनियुक्ति पर आए तमाम आईटीएस अधिकारी विभाग में वापस जाना चाहते हैं.

BSNL ने विभाग को लिखा है कि प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे कुछ आईटीएस अधिकारियों को वापस लेने या उनकी अन्यत्र प्रति नियुक्ति किए जाने से कंपनी में एक प्रकार की अनुशासनहीनता पनप रही है. लेकिन आईटीएस एसोसिएशन का कहना है कि कंपनी में आए उनके काडर के अधिकारी वेतन में विलंब और भेदभाव के चलते कंपनी से विभाग में वापस लौटना चाहते हैं.

200 और आईटीएस अधिकारियों की मांग
BSNL के मानव संसाधन निदेशक अरविंद वाडनेकर ने वीआरएस योजना (VRS Scheme) की घोषणा किए जाने के बाद चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक पीके पुरवार की ओर से विभाग को लिखा है कि उन्हें विभाग से 200 और आईटीएस अधिकारी दिए जाएं. BSNL में प्रति नियुक्ति पर आए ऐसे 550 अधिकारी कार्यरत है. वाडनेकर ने लिखा है कि कंपनी इस समय संकट की स्थिति में है. ऐसे में महत्वपूर्ण प्रबंधकीय पदों पर लोगों का बने रहना बहुत जरूरी है ताकि कंपनी अपने ग्राहकों की सेवाएं बिना रुकावट जारी रख सके. कंपनी का हित इसी में है.

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उन्होंने कहा है कि इस समय 32 आईटीएस अधिकारी BSNL से कार्यमुक्त होने के आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उन्हें विभाग ने या तो वापस लेने या कहीं और भेजने के आदेश जारी कर रखे हैं. उन्होंने लिखा है कि BSNL के सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना इस तरह की चीजों से अधिकारियों के कुछ वर्गों में अनुशासनहीनता पनप रही है.

458 वरिष्ठ अधिकारियों ने VRS के लिए किया अप्लाई
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आईटीएस एसोसिएशन का तर्क कुछ और है. उनके उनके काडर के लोग कंपनी में भेदभाव और वेतन विलंब जैसे कारणों से हतोत्साहित हो रहे हैं और वे वापस जाना चाहते हैं. उनके प्रतिनिधियों का कहना है कि बीएसएनएल ने अपने 803 वरिष्ठ अधिकारियों को वीआरएस का प्रस्ताव दिया. उनमें से 458 ने उसे स्वीकार कर लिया. अधिकारियों की कमी की यही खास वजह है.

आईटीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके जैन ने कहा, BSNL को जब बड़े पदों पर क सवर्ग के अधिकारियों की जरूरत थी तो उसे इस तरह का वीआरएस नहीं पेश करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि आईटीएस अधिकारियों की मांग करने के बजाय बीएसएनएल को बाकी 500 आईटीएस को लौटा देना चाहिए इससे उसे 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी.

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68751 करोड़ रुपये पैकेज की घोषणा
सरकार ने घाटे में चल रही BSNL और MTNL के पुनर्गठन व पुनरोद्धार के लिए अक्टूबर में 68,751 करोड़ रुपये की पैकेज योजना की घोषणा की थी. इसमें कर्मचारियों को घटाने के लिए वीआरएस योजना, 4जी रेडियो स्पेक्ट्रम का आवंटन और दोनों के विलय की योजना है. बीएसएनएल में इस समय 1.5 लाख कर्मचारी हैं.

VRS योजना के तहत प्रभावी तिथि 31 जनवरी 2030 रखी गयी है. दोनों कंपनियों के 92,000 से अधिक कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर चुके हैं. BSNL का अनुमान है कि यदि 70-80 हजार कर्मचारियों ने वीआरएस लिया तो उसका वेतन पर सालाना खर्च करीब 7,000 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है.

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First published: December 3, 2019, 1:54 PM IST
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