Budget 2018: मिडिल क्‍लास के लिए खुशखबरी! बढ़ेगी निवेश पर टैक्‍स छूट लिमिट

Budget 2018: मिडिल क्‍लास के लिए खुशखबरी! बढ़ेगी निवेश पर टैक्‍स छूट लिमिट
अरुण जेटली इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 80सी के तहत निवेश आधारित छूट की लिमिट 2 लाख रुपए कर सकते हैं.

2018 के बजट में मिडिल क्‍लास, खासकर नौकरी-पेशा लोगों को सरकार एक बड़ी राहत देने जा रही है. वित्‍त मंत्री अरुण जेटली इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 80सी के तहत इस बार निवेश आधारित छूट की वर्तमान लिमिट 1.5 लाख को बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2018, 11:02 AM IST
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2018 के बजट में मिडिल क्‍लास, खासकर नौकरी-पेशा लोगों को सरकार एक बड़ी राहत देने जा रही है. वित्‍त मंत्री अरुण जेटली इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 80सी के तहत इस बार निवेश आधारित छूट की वर्तमान लिमिट 1.5 लाख को बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर सकते हैं. ऐसा होने पर 2 लाख रुपए तक का निवेश कर मुक्‍त होगा और लोग विभिन्‍न स्‍मॉल स्‍कीम्‍स में अधिक इन्‍वेस्‍टमेंट के लिए प्रेरित होंगे. इसको इस तरह समझ सकते हैं कि अगर आपकी इनकम सालाना 10 लाख रुपए है तो टैक्‍स की गणना 8 लाख रुपए पर ही होगी, बशर्ते आप 2 लाख रुपए का निवेश करें.

इन स्‍कीम्‍स में निवेश होगा कर मुक्‍त
इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 80सी के तहत प्रोविडेंट फंड(पीएफ), नेशनल सेविंग्‍स सर्टिफिकेट्स (एनएससी), पांच साल के फिक्‍स्‍ड डिपोजिट्स, होम लोन की प्रिंसिपल अमाउंट के रीपेमेंट, दो बच्‍चों की स्‍कूल फीस, पीपीएफ, खास तरह के म्‍यूचुअल फंड्स, लाइफ इंश्‍योरेंस और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस में निवेश कर मुक्‍त हैं.

क्‍या होगा फायदा इसका?
सरकार का मकसद कम हो रही सेविंग को बढ़ाना है. सेविंग बढ़ने से सरकार के पास इन्‍फ्रा से लेकर अलग-अलग तरह के वेल्‍फेयर और इकोनॉमिक प्रोग्राम के लिए अधिक पैसे होंगे, जिससे इकोनॉमिक ग्रोथ को मजबूती मिलेगी और अधिक संख्‍या में रोजगार के अवसर निकलेंगे.



2014 में बढ़ी थी लिमिट
जुलाई 2014 में पेश अपने पहले बजट में अरुण जेटली ने 80सी के तहत वार्षिक निवेश की लिमिट को बढ़ाकर 1 लाख रुपए से 1.5 लाख रुपए कर दिया था.

बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों ने की है सिफारिश
हाल की बजट पूर्व मीटिंग में बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों के टॉप एग्‍जीक्‍यूटिव्‍स ने 80सी के तहत वार्षिक निवेश की लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने की सिफारिश की थी, ताकि घरेलू निवेश को बढ़ावा मिले, जिससे इकोनॉमी ग्रोथ को बूस्‍ट मिले.

क्‍या है वर्तमान सेविंग?
2015-16 में देश की ग्रॉस डोमेस्टिक सेविंग 33.3 फीसदी थी. वहीं हाउसहोल्‍ड सेक्‍टर की सेविंग इस साल महज 19.2 फीसदी थी.

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