Budget 2018: SC-ST समुदाय पर होगा ज्यादा फोकस

News18Hindi
Updated: December 25, 2017, 2:31 PM IST
Budget 2018: SC-ST समुदाय पर होगा ज्यादा फोकस
Budget 2018: SC-ST समुदाय पर होगा ज्यादा फोकस.

बजट आने में अब कुछ ही दिन बाकि हैं. आगामी बजट मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट होगा, इस बजट से सरकार सभी तबको के लोगों को खुश करना चाहती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 25, 2017, 2:31 PM IST
  • Share this:
बजट आने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं. आगामी बजट मोदी सरकार का आखिरी फुल बजट होगा, इस बजट से सरकार सभी तबके को खुश करना चाहती है. नीति आयोग ने इस संबंध में एक प्लान बनाया है. इस प्लान के तहत अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है. देश की आबादी में 25% से ज्यादा हिस्सा एससी और एसटी समुदाय है.

कई मामलों में एलोकेशन बढ़ाया 
बजट फरवरी के शुरू में पेश किए जाने की संभावना है. नीति आयोग के फॉर्म्युले के मुताबिक अधिकतर मामलों में ऐलोकेशन काफी बढ़ाया गया है. उदाहरण के लिए, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण के मामले में एससी और एसटी के लिए शून्य और 1.4% के ऐलोकेशन के मुकाबले नए फॉर्म्युले में इन्हें 8.30% और 4.30% किया गया है.

टेक्सटाइल्स मिनिस्ट्री के एलोकेशन को बढ़ाया जाएगा

स्मृति ईरानी की नेतृत्ववाली टेक्सटाइल्स मिनिस्ट्री के मामले में एससी और एसटी के लिए क्रमश: 5% और 1.20% एलोकेशन को बढ़ाकर 16.60% और 8.60% किया जाएगा. इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के मामले में आवंटन को क्रमश: 15.20% और 8.20% से बढ़ाकर 16.60% और 8.60 % किया जाएगा. उच्च शिक्षा के मामले में आवंटन को क्रमश: 15% और 7.50% से बढ़ाकर 16.60% और 8.60% किया जाएगा.

कई स्कीमों में एक्सपेंडिचर तय किया जाएगा
पहले के योजना आयोग की जगह लेने वाले नीति आयोग ने मंत्रालयों और विभागों से कहा था कि वे उन योजनाओं की समीक्षा करें जिनमें एससी और एसटी समुदायों के लिए अलग से कोई आवंटन नहीं किया जाता है. लेकिन सब्सिडी जैसे जनरल कंपोनेंट में एससी, एसटी एक्सपेंडिचर को शामिल किया जाता है. इन स्कीमों में एक्सपेंडिचर का आंकड़ा तय किया जाएगा और संशोधित आवंटन के मुताबिक इन्हें तय किया जाएगा.
Loading...

अभी मिलता है इतना आवंटन
मौजूदा वित्त वर्ष में अनुसूचित जातियों के लिए कुल आवंटन 52,400 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो फाइनैंशल इयर 2016 के 30,600 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है. इसी अवधि में अनुसूचित जनजातियों के लिए आवंटन 21,200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 32,000 करोड़ रुपये किया गया है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 25, 2017, 2:31 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...