बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बार सरकारी नौकरी करने वाले चाहते हैं ये छूट

नौकरी करने वालों के लिए खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों को इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदें है. वह चाहते हैं कि अपने पहले बजट में निर्मला सीतारमण टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी जरूर करें.

News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 1:47 PM IST
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बार सरकारी नौकरी करने वाले चाहते हैं ये छूट
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Updated: June 21, 2019, 1:47 PM IST
नौकरी करने वालों के लिए खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों को इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदें है. वह चाहते हैं कि अपने पहले बजट में सीतारमण टैक्स स्लैब में बढ़ोतरी जरूर करें.  प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों की तरह सरकारी कर्मचारी टैक्स सेविंग्स के लिए अपने सैलरी स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं.सरकारी कर्मचारियों में एक नाराजगी यह है कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मेडिकल खर्च और कंवेंस एक्सपेंस की सुविधा हटाकर 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा दिया है. सरकारी कर्मचारियों को ज्यादातर मिड लेवल अधिकारी हाइएस्ट इनकम टैक्स ब्रैकेट में आते हैं. आपको बता दें कि 12 साल बाद अरुण जेटली ने पिछले पूर्ण बजट में 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन शुरू किया था.

नौकरीपेशा को मिल सकती हैं बड़ी राहत- अंतरिम बजट में 5 लाख तक की इनकम पर फुल रिबेट देकर सरकार ने टैक्सपेयर्स को एक बड़ी राहत दी है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार यह फायदा इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव कर सभी टैक्सपेयर्स को दे सकती है. ऐसी उम्मीदें हैं कि सरकार 3 लाख रुपये तक टैक्सेबल इनकम की लिमिट बढ़ा सकती है. आपको बता दें कि 10 लाख पर 30 फीसदी का टैक्स स्लैब 2012 के बजट से नहीं बदला है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों की शिकायत है कि उन्हें इनकम टैक्स चुकाने के साथ कई तरह के इनडायरेक्ट टैक्स भी देना पड़ता है.

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उन्हें 18 फीसदी के हिसाब से GST भी देना पड़ता है. वे पेट्रोल और डीजल की खरीदारी पर सेल्स और एक्साइज ड्यूटी भी चुकाना पड़ता है. कुल मिलाकर देखें तो टैक्स 50 फीसदी से ज्यादा हो जाता है.

सरकारी अधिकारियों की मांग है कि मेडिकल खर्च और कन्वेंस पर मिलने वाला छूट दोबारा लागू कर दिया जाए.

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First published: June 21, 2019, 1:47 PM IST
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