आज पेश होने वाला है मोदी सरकार का 2.0 आर्थिक सर्वे, इन सेक्टर्स को मिलेगी रफ़्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

आज सरकार संसद में 12 बजे इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी. जानकारी मिली है कि इसमें 2019-20 के लिए 7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया जा सकता है.

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आज सरकार संसद में 12 बजे इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी. जानकारी मिली है कि इसमें 2019-20 के लिए 7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया जा सकता है. बता दें कि 2018-19 में GDP ग्रोथ 6.8% थी. वहीं, 2017-18 में GDP ग्रोथ 7.2 फीसदी थी. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इसमें निवेश और खपत में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा सकती है. निवेश, खपत में बढ़त के आधार पर GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ेगा. इसके अलावा इसमें कंस्ट्रक्शन सेक्टर में रफ्तार की उम्मीद जताई जा सकती है और ग्रोथ, निजी निवेश बढ़ाने पर खास फोकस हो सकता है.

आर्थिक सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम ने तैयार की है. इसमें दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते में देश के समक्ष चुनौतियों को रेखांकित किये जाने की संभावना है.

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इन सेक्टर्स पर रहेगा फोकस
उम्मीद की जा रही है कि इस बार मोदी सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में कई जरूरी सेक्टर्स पर फोकस रहेगा. खासकर कृषि, नौकरी और निवेश एजेंडे में होगा. वैसे भी आर्थिक सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था, फिस्कल डेवलपमेंट, मॉनेटरी मैनेजमेंट, कृषि, निर्यात, उद्योग, इंफ्रास्टक्चर, सेवा क्षेत्र, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर फोकस रहता है.

आर्थिक समीक्षा में 2024 तक देश की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुने से अधिक कर 5,000 अरब डालर पर पहुंचाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुधारों की विस्तृत रूपरेखा पेश किये जाने की उम्मीद है. समीक्षा बजट से एक दिन पहले आएगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश करेंगी.


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मुख्य आर्थिक सलाहकार ने ट्विटर पर लिखा कि मेरी और नई सरकार की पहली आर्थिक समीक्षा के संसद के पटल पर रखे जाने के लेकर उत्साहित हूं. वर्ष 2018- 19 की आर्थिक समीक्षा ऐसे समय पेश की जा रही है जब अर्थव्यवस्था विनिर्माण और कृषि क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर रही है. पिछले वित्त वर्ष में जनवरी-मार्च तिमाही में आर्थिक वृद्धि पांच साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत पर आ गयी.
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